मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक युवती का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवती ने दूसरे समुदाय के युवकों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने, छेड़खानी करने और अश्लील फोटो वायरल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच में मामला "भाई को जेल से बचाने की साजिश" की ओर इशारा कर रहा है।
मझोला थाना क्षेत्र के डिडौरा गांव की रहने वाली 22 वर्षीय युवती ने वीडियो जारी कर पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। युवती का आरोप है कि गांव के ही दूसरे समुदाय के तीन युवक उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं।युवती का कहना है कि आरोपी उसे रास्ते में रोककर छेड़खानी करते हैं, चेहरे पर तेजाब डालने की धमकी देते हैं और उसे घर से उठा ले जाने का डर दिखाते हैं। युवती ने दावा किया कि उसने पहले भी शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने आरोपियों को मामूली 'शांति भंग' की धारा में जेल भेजकर मामला रफा-दफा कर दिया। उसने चेतावनी दी है कि यदि उसके साथ कुछ बुरा होता है, तो पुलिस ज़िम्मेदार होगी।
वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर पुलिस द्वारा जांच करने पर अलग ही मामला सामने आया। एसपी सिटी रण विजय सिंह ने बताया कि वीडियो बनाने वाली युवती का भाई बीते जून महीने में रेप के एक मामले में जेल गया था। उसके खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र भी दाखिल हो चुका है। पुलिस जांच में पता चला है कि युवती जिन तीन युवकों पर छेड़खानी और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप लगा रही है, वे उस युवती के भाई है जिसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया था। भाई हैं, जिसके साथ युवती के भाई ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया था।
एसपी सिटी रण विजय सिंह ने बताया कि "युवती के भाई पर रेप का आरोप है और वह जेल में है। तब से ही युवती लगातार दूसरे पक्ष (पीड़िता के परिवार) पर दबाव बनाने के लिए तरह-तरह के आरोप लगा रही है। विवेचना इस पहलू से भी की जा रही है कि क्या अपने भाई को कानूनी सजा से बचाने और दूसरे पक्ष पर समझौता करने का दबाव बनाने के लिए तो यह वीडियो वायरल नहीं किया गया?"
उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि पुलिस पर लगाए गए 'नरमी बरतने' के आरोप निराधार हैं। युवती की शिकायत पर पूर्व में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और पुलिस पूरी निष्पक्षता के साथ मामले की जांच कर रही है। दो अलग-अलग समुदायों और पुराने विवाद से जुड़े होने के कारण गांव में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि युवती द्वारा लगाए गए धर्म परिवर्तन के आरोपों में कितनी सच्चाई है या यह केवल मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश है।
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