उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। हल्दौर थाना क्षेत्र के जिस गोलीकांड को लेकर हड़कंप मचा था, वह दरअसल अपनों की ही बुनी हुई एक गहरी साजिश निकली। पुलिस ने इस मामले में बड़ा खुलासा करते हुए शिकायतकर्ता सलीम और उसके घायल भाई नवाजिश को गिरफ्तार कर लिया है।
पाठको को बताना उचित होगा कि गत 2 दिसंबर को थाना क्षेत्र के ग्राम अम्हेड़ा निवासी सलीम ने पुलिस को एक तहरीर दी थी। इस तहरीर मे बताया गया था कि उसके भाई नवाजिश पर गांव निवासी तीन लोगों ने जानलेवा हमला किया है। शिकायत के अनुसार, हमलावरों ने नवाजिश पर फायरिंग की और गोली उसके कंधे में जा लगी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी थी।
विवेचना के दौरान पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन जैसे तकनीकी साक्ष्यों की जांच की, तो कहानी कुछ और ही नजर आई। नामजद आरोपियों की मौजूदगी घटनास्थल पर नहीं मिली, जिससे पुलिस को सलीम के बयानों पर शक हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर सलीम टूट गया और उसने सारा सच उगल दिया। उसने बताया कि विरोधी पक्ष से बदला लेने के लिए उसने यह योजना बनाई थी। योजना के तहत उसने अपने भाई नवाजिश को गोली मारकर मामूली रूप से घायल किया ताकि विरोधियों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज हो सके। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई .32 बोर की अवैध देशी पिस्टल भी बरामद कर ली है।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए दोनों भाइयों का पुराना आपराधिक इतिहास है। इन पर लूट और गैंगस्टर एक्ट जैसे कई गंभीर मामले पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने अब इस मामले में आर्म्स एक्ट की धाराएं बढ़ाते हुए दोनों को जेल भेज दिया है।
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