![]() |
| मौके पर जाँच करती पुलिस व इनसेट मे मृतक की फाइल फोटो |
बीमारी व अकेलेपन से तंग आ चुके जिला बदायूँ के वजीरगंज थाना क्षेत्र निवासी बुजुर्ग सर्राफा कारोबारी ने आज शनिवार की सुबह खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली चलने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे पड़ोसियों ने देखा कि बुजुर्ग का लहुलूहान शव घर के अंदर एक कमरे मे पड़ा हुआ था। शव के पास ही एक अवैध तमंचा भी पड़ा हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे मे लेकर आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम को भेज दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के कस्बा सैदपुर निवासी विद्यासागर रस्तोगी आयु 92 वर्ष के चार पुत्र व एक पुत्री थी। चार में से दो पुत्रों की मृत्यु हो चुकी है तथा पुत्री शादीशुदा है। बुजुर्ग के अन्य दो पुत्रों में से एक ब्रजकिशोर रस्तोगी दिल्ली में व्यापार करता है जबकि दूसरा नंदकिशोर रस्तोगी बरेली में रहता है। बेटों के बाहर रहने के कारण विद्यासागर घर पर अकेले ही रह रहे थे। ये अकेलापन ही उनके मानसिक तनाव का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, 92 वर्ष की आयु में पहुँच चुके विद्यासागर कई बीमारियों से ग्रस्त थे। शारीरिक पीड़ा और अकेलेपन से परेशान विद्यासागर ने आज शनिवार की सुबह सीने से तमंचा सटाकर खुद पर ही गोली चला दी।
गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घर का दरवाजा खटखटाया मगर अंदर से कोई उत्तर नही मिल सका। कुछ अनहोनी की आशंका होने पर ग्रामीणों ने तुरंत ही पुलिस को सूचित किया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस टीम घर का दरवाजा तोड़कर अंदर पहुँची। घर के अंदर का नजारा देख सभी के होश उड़ गए। घर के एक कमरे मे विद्या सागर का खून से लथपथ शव जमीन पर पड़ा हुआ था। शव के पास ही एक अवैध तमंचा और एक खोखा भी बरामद हुआ। तलाशी के दौरान पुलिस को 7 जिंदा कारतूस भी मिले। पुलिस ने शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेजने के साथ ही मृतक के पुत्रो को घटना की सूचना दे दी है।
शुरुआती जांच में पता लगा कि विद्यासागर रस्तोगी लम्बे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। उनके दोनों बेटे बाहर रहते थे, जिसके कारण अकेलेपन से भी परेशान हो चुके थे। पुलिस का अनुमान है कि लंबी बीमारी और अकेलेपन से तंग आकर उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया है।
एसपी देहात डॉ. हृदेश कठेरिया ने बताया कि बुजुर्ग लंबे समय से बीमार थे और अकेले रह रहे थे। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, जिससे मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और दिल्ली व बरेली में रहने वाले उनके बेटों को सूचित कर दिया गया है। परिजनों के आने के बाद विधिक कार्रवाई पूरी की जाएगी।

