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प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद के थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के मोहल्ला कुंवरगढ़ निवासी अधिवक्ता अविनाश चंद्र मौर्य के मोबाइल पर शेयर बाजार में निवेश से जुड़ा एक मैसेज आया था। इसके बाद अज्ञात नंबरों से उनसे संपर्क किया गया और 'सीपीटी' नामक एक कंपनी में ट्रेड करने का प्रस्ताव दिया गया। उन्हें विश्वास दिलाया गया कि इस कंपनी के माध्यम से निवेश करने पर उन्हें कम समय में अच्छा मुनाफा होगा।साइबर अपराधियों के बुने जाल में फंसकर अधिवक्ता ने अलग-अलग तारीखों में यूपीआई और आरटीजीएस के माध्यम से कुल 3,80,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठगो के जाल मे फंसे अधिवक्ता ने 11 अगस्त 2025 को 50 हजार, 18 अगस्त 2025 को 1 लाख, 27 अगस्त 2025 को 1 लाख 10 हजार व 6 सितंबर 2025 को 40 हजार रुपये यूपीआई व आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए।
समय बीतने पर अधिवक्ता द्वारा लाभांश और मूल राशि की मांग करने पर कंपनी की ओर से टालमटोल शुरू कर दी गई। संदेह होने पर जब अधिवक्ता ने इस कंपनी की पड़ताल की। जाँच मे पता लगा कि कंपनी पूरी तरह फर्जी थी।
पीड़ित अधिवक्ता ने थाना सुनगढ़ी में तहरीर देकर आरोपियो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किये जाने की गुहार लगाई है। इंस्पेक्टर नरेश त्यागी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर आईटी एक्ट और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जाँच साइबर सेल को सौंप दी गई है और उन बैंक खातों को ट्रैक किया जा रहा है जिनमें रकम ट्रांसफर की गई थी।
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