आज बुधवार की शाम जिला बिजनौर मे उस समय सनसनी फैल गई जब भाजपा के पूर्व सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह पर पुलिस और प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में हमला कर दिया गया। हमला करने का आरोप कारोबारी भाइयों तालिब और खालिद पर लगा है, जिन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर न केवल पूर्व सांसद के साथ धक्का-मुक्की की, बल्कि सुरक्षा मे तैनात पुलिसकर्मी की कारबाइन छीनने का भी प्रयास किया। पुलिस ने मुख्य आरोपियों सहित तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है।
मामला जनपद मुख्यालय के चांदपुर रोड स्थित एक आरा मशीन का है। पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत की थी कि आरा मशीन संचालक तालिब और खालिद अवैध कार्यों में संलिप्त हैं और भाजयुमो जिलाध्यक्ष रोबिन चौधरी पर हुए हमले के भी आरोपी हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन ने कुछ दिन पहले इनकी आरा मशीन सील कर दी थी। आज बुधवार शाम पूर्व सांसद राजस्व और वन विभाग की टीम के साथ यह देखने पहुंचे थे कि सील होने के बाद भी मशीन चल रही है या नहीं। टीम को वहां देख आरोपी पक्ष भड़क गया और हंगामा शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पूर्व सांसद के वहां पहुँचने पर तालिब और खालिद ने अपने साथियों के साथ उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने पूर्व सांसद के साथ बदसलूकी की। सुरक्षा मे तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा पूर्व सांसद को कार मे बैठाये जाने पर आरोपियों ने कार का दरवाजा खोलकर उन्हें धमकी दी और बंद शीशों पर मुक्के मारे। देर तक चले हंगामे के दौरान आरोपी खालिद ने ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी की कारबाइन छीनने की भी कोशिश की, जिससे स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। दूसरा भाई तालिब पूर्व सांसद की कार के आगे लेट गया ताकि उन्हें जाने से रोका जा सके। पुलिस ने उसे हाथ-पैर पकड़कर रास्ते से हटाया।
इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस बेबस नजर आ रही है और आरोपी हंगामा कर रहे हैं। घटना के बाद कुंवर भारतेंद्र सिंह ने एसपी अभिषेक झा से मुलाकात की और अपनी जान को खतरा बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की।
हंगामे के बाद आरोपी पक्ष के लोग भी अपने घर की महिलाओं के साथ घायल होने का दावा करते हुए कोतवाली पहुंचे। उन्होंने पूर्व सांसद पर ही हमला करने और 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, पुलिस प्रथम दृष्टया इन आरोपों को जांच का विषय मान रही है।
एसपी अभिषेक झा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पूर्व सांसद पर हमले के मामले में तालिब, खालिद और उनके एक साथी को हिरासत में लिया गया है। वायरल वीडियो और मौके पर मौजूद अधिकारियों के बयानों के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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