निजी स्कूलों द्वारा फीस में बेतहाशा बढ़ोतरी और महंगे पाठ्यक्रम थोपे जाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने मोर्चा खोल दिया है। इसको लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने आज सोमवार को ब्लॉक अध्यक्ष मुनीश अहलावत के नेतृत्व में खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।
खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय धरने को संबोधित करते हुए ब्लॉक अध्यक्ष मुनीश अहलावत ने कहा कि निजी स्कूल शिक्षा को व्यापार बना चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटी कक्षाओं के छात्रों पर भी 4 से 5 हजार रुपये तक के महंगे कोर्स जबरन थोपे जा रहे हैं। इतना ही नही हर साल फीस में की जा रही भारी वृद्धि ने मध्यम और गरीब वर्ग के अभिभावकों की कमर तोड़कर रख दी है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि निजी स्कूल प्रबंधन अपनी शर्तों पर काम कर रहे हैं। अभिभावकों को खास दुकानों से ही महंगी स्कूल ड्रेस और किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस 'सिंडिकेट' के कारण बाजार दर से कई गुना अधिक कीमतों पर सामग्री बेची जा रही है, जिससे अभिभावकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
प्रदर्शनकारियो ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों को तत्काल चिन्हित किया जाए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि इन स्कूलों की मनमानी पर अंकुश नहीं लगाया गया और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो यूनियन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी। प्रदर्शनकारियो ने शिक्षा विभाग के अधिकारियो को दिए गए ज्ञापन मे निजी स्कूलों की फीस वृद्धि पर तत्काल रोक लगाए जाने,महंगे कोर्स और कमीशनखोरी की जांच किये जाने तथा अभिभावको को स्कूल ड्रेस और किताबें किसी भी दुकान से खरीदने की आजादी दिए जाने की मांग की है।
धरना प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में भाकियू कार्यकर्ता और स्थानीय अभिभावक मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान की मांग की है।
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