
इंटरनेट डेस्क। डॉ. होमी भाभा द्वारा 70 साल पहले भारत को लेकर देखा गया सपना अब हकीकत बनता नजर आ रहा है। होमी भाभा ने एक ऐसे आत्मनिर्भर भारत का सपना देखा था, जो परमाणु ऊर्जा से संचालित हो।
देश ने अब सबसे उन्नत परमाणु रिएक्टर प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) के माध्यम से ऐसा मुकाम हासिल किया है, जो परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता के लिए मील का पत्थर साबित होगा। खबरों के अनुसार, तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित पीएफबीआर रिएक्टर की ओर से अब क्रिटिकैलिटी के उस स्टेज को छू लिया है, जिसके बाद अब देश परमाणु ऊर्जा मामले में ईंधन के लिए अन्य देशों पर मोहताज नहीं रहेगा। अब भारत विश्व की परमाणु महाशक्ति के तौर पर उभरेगा।
आपको बात दें कि क्रिटिकैलिटी स्टेज से रिएक्टर अपने आप संचालित परमाणु विखंडन के माध्यम से इतने न्यूट्रॉन पैदा करने लगता है कि किसी बाहरी दखल के बिना अपने आप एटॉमिक रिएक्शन होती रहती है और नाभिकीय ऊर्जा उत्पादन होने लगता है।
भारत की इस बड़ी उपलब्ध पर पाकिस्तान को मिर्ची लग गई है। इस पर पाकिस्तानी परमाणु सलाहकार जाहिर काजमी की प्रतिक्रिया आई है। काजमी आरोप लगा ने का प्रयास किया कि पीएफबीआर एक 'ब्रीडर' रिएक्टर है और यह बिजली पैदा करते-करते और ज्यादा प्लूटोनियम भी बनाता है इसीलिए भारत इसका इस्तेमाल परमाणु बम बनाने में कर सकता है।
PC:ndtv
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