उत्तर प्रदेश के अमरोहा देहात थाना क्षेत्र से प्रकाश मे आये एक सनसनीखेज मामले ने वर्षो पूर्व हुई बावनखेड़ी कांड की यादो को फिर से ताजा कर दिया है। यहाँ कथित तौर पर शादी से 5 दिन पूर्व पूरे परिवार को नशीला पदार्थ खिलाकर एक युवती का अपहरण कर लिया गया। घटना के बाद सभी संभावित ठिकानो पर युवती को तलाश कर थक चुका पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस की कथित लापरवाही पर आक्रोशित परिजनो व ग्रामीणो ने आज कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।
अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के गाँव निवासी असलम ने बताया कि पुत्री नरगिस की शादी आगामी 5 अप्रैल को होनी थी। घर मे जोर शोर से शादी की तैयारियां चल रही थी। इसी बीच गत 29 मार्च की रात गाँव निवासी रिजवान व् जुनैद उनके घर आये थे। आरोप है कि इन दोनो ने सोची समझी साजिश के तहत परिवार के खाने मे कोई नशीला पदार्थ मिला दिया। खाना खाने के कुछ देर बाद ही असलम, उसकी पत्नी और बच्चो समेत घर मे मौजूद रहे अन्य रिश्तेदार भी बेहोश होकर गिर गए।
इस शातिर साजिश का खुलासा पड़ोसी आरिफ और असलम के घर आने पर तब हुआ जब उन्होंने सभी परिजनो को बेहोश पड़े देखा। आरिफ व असलम ने अन्य पड़ोसियो की मदद से सभी को उपचार हेतु अस्पताल मे भर्ती कराया। अस्पताल मे चिकित्सको ने पुष्टि की कि परिवार को कोई नशीला पदार्थ खिलाया गया है। असलम ने बताया कि होश आने पर उसे पता लगा कि नरगिस घर पर नही है। घटना से पूर्व घर आये रिजवान और जुनैद ने ही इस वारदात को अंजाम दिया है और नरगिस को साथ ले गए है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि उक्त घटना की तहरीर दिए जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस ने कोई करवाई नही की है। पुलिस की इस कथित लापरवाही पर आक्रोशित पीड़ित परिवार ने आज बुधवार को ग्रामीणो के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और न्याय की गुहार लगाई। पीड़ित परिवार ने आरोपियो की तुरंत गिरफ्तारी किये जाने के साथ ही अपहरण की गयी युवती की सकुशल वापसी व दोषी पुलिसकर्मियो के खिलाफ कार्रवाई किये जाने की मांग की है।
उक्त घटना ने वर्ष 2008 मे हुए कुख्यात बावनखेड़ी कांड की यादें ताजा कर दी हैं, जहाँ परिवार को नशीला पदार्थ देकर सामूहिक हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि गनीमत है कि पड़ोसियों ने समय रहते देख लिया, वरना इस बार भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
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