इंटरनेट डेस्क। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का संसद में माला पहनाकर सम्मान किए जाने पर बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने इस संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे। उसी system ने 26 बच्चों की जान ली और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
राहुल गांधी ने कहा कि इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा और आज उसी व्यक्ति को संसद में बीजेपी माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है। देश का हर छात्र ये देख रहा है और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
सत्य और सत्याग्रह दोनों से डरती है मोदी सरकार
इससे पहले राहुल गांधी ने एक पोस्ट के माध्यम से कहा कि सत्य और सत्याग्रह दोनों से डरती है मोदी सरकार। मध्य प्रदेश के आदिवासी भाई-बहन जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल पर इसलिए बैठे थे क्योंकि केन-बेतवा परियोजना में उनकी ज़मीन छीन ली गई, लेकिन उन्हें न न्यायपूर्ण मुआवज़ा मिला और न सम्मानजनक पुनर्वास।
"सत्य" यह है कि आदिवासी देश के पहले मालिक हैं - जल, जंगल और ज़मीन पर सबसे पहला हक़ उन्हीं का है और उनका "सत्याग्रह" इसलिए है क्योंकि वही हक़ आज उनसे छीना जा रहा है। अपने अनोखे तरीके से उनकी मांग बस इतनी है कि गुज़र-बसर करने के लिए उचित सहारा तो दो - वरना जिंदगी तो चिता के ही समान है। मगर यह भी भाजपा सरकार को मंज़ूर नहीं। उनकी बात सुनने के बजाय पुलिस बल से उनका शांतिपूर्ण विरोध भी कुचला जा रहा है। हम अपने आदिवासी भाई-बहनों के साथ हैं। उन्हें न्याय दिला कर रहेंगे - मुआवज़ा और पुनर्वास तो देना ही पड़ेगा।
PC:jansatta
अपडेट खबरों के लिए हमारावॉट्सएप चैनलफोलो करें