बिजनौर/उत्तर प्रदेश - ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे हजारों किसानो ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव, सरकार की नीतियो के खिलाफ उठाई आवाज, सौंपा ज्ञापन - News India 17 # खबर देश की - नजर दुनिया की #

Breaking


मंगलवार, जुलाई 21, 2026

बिजनौर/उत्तर प्रदेश - ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे हजारों किसानो ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव, सरकार की नीतियो के खिलाफ उठाई आवाज, सौंपा ज्ञापन

https://newsindia17.com/bijnor-thousands-of-farmers-gherao-collectorate-with-tractors-submit-memorandum-against-government-policies/

आज मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के आह्वान पर ट्रैक्टर लेकर बिजनौर पहुँचे हजारो किसानो ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और केंद्र सरकार की कृषि व व्यापार नीतियो के खिलाफ आवाज बुलंद की। किसानो ने जोरदार प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी की और कई मांगे की। किसानो ने प्रधानमंत्री के नाम सम्बोधित एक ज्ञापन भी प्रशासनिक अधिकारियो को सौंपा। इस दौरान किसानो के भारी जमावड़े और ट्रैक्टरो की लम्बी कतार के चलते नगर के मुख्य मार्गो पर लम्बा जाम लग गया। इस स्थिति को नियंत्रित करने हेतु पुलिस प्रशासन द्वारा की गयी तमाम कोशिशे किसानो के जमावड़े के बीच दम तोड़ गयी।


इस दौरान उपस्थित रहे भाकियू के जिलाध्यक्ष सुनील प्रधान ने कहा कि किसानों का विरोध केंद्र सरकार की उन नीतियों के खिलाफ है, जिनसे भारतीय कृषि और डेयरी क्षेत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी कृषि उत्पादों और बीजों के आयात को बढ़ावा देने पर देश के किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होगी। उनका कहना था कि अमेरिका जैसे देशों में किसानों को व्यापक सरकारी सहायता और सब्सिडी मिलती है, जबकि भारत में किसान अभी भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी की मांग दोहराते हुए कहा कि किसानों से किए गए वादों को अब तक पूरा नहीं किया गया है। साथ ही किसानों ने बिलाई चीनी मिल पर गन्ना भुगतान लंबित होने का आरोप लगाते हुए शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की।


प्रदर्शन के दौरान किसानो ने ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही गुलदार गतिविधियों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। किसानों का कहना था कि लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय का माहौल है और वन विभाग को इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।


प्रशासनिक अधिकारियो को सौंपे गए प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन में किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण में सर्किल रेट बढ़ाने, बिजली आपूर्ति में लगातार हो रही ट्रिपिंग रोकने, उपभोक्ताओं की सहमति के बिना बिजली का लोड बढ़ाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने तथा किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई।


भाकियू नेताओं ने चेतावनी दी कि सरकार और प्रशासन द्वारा किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान न होने  की स्थिति मे आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। किसानों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों की अनदेखी किए जाने पर भविष्य में और बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।

conter12
अभी तक पाठक संख्या