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शुक्रवार, अगस्त 21, 2026

नौंगावा सादात/जिला अमरोहा - बिहारी कहकर चिढ़ाने पर ली साथी की जान, फावड़े से वार कर उतारा मौत के घाट, किया शव जलाने का प्रयास

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जिला अमरोहा के नौंगावा सादात थाना क्षेत्र से डेयरी पर काम करने वाले एक युवक की उसके साथी द्वारा निर्मम हत्या किये जाने का मामला प्रकाश मे आया है। पुलिस के अनुसार आरोपी मृतक द्वारा बार बार बिहारी कहकर बुलाने पर नाराज था। इसी को लेकर गत 17 अगस्त की शाम दोनो के बीच विवाद हुआ था। इस विवाद के बाद आरोपी ने फावड़े से हमला कर साथी की हत्या कर दी। आरोपी ने शव को डीजल डालकर जलाने का भी प्रयास किया मगर पूरी तरह नही जलने पर उसे पॉलीथिन मे लपेटकर भूसे की कोठरी में छिपा दिया गया था। दो दिन बाद शव से आयी दुर्गन्ध से इस हत्याकांड का खुलासा हुआ।


उक्त मामला जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव नाजरपुर कलां का है। यहाँ ग्राम प्रधान राकेश कुमार अपने साथी वेदपाल सिंह के साथ डेयरी चलाते हैं। इस डेयरी पर मुरादाबाद के छजलैट थाना क्षेत्र के गाँव हाफिजपुर का निवासी प्रदीप कुमार आयु 40 वर्ष करीब पांच साल से काम कर रहा था। प्रदीप के साथ ही  बिहार के सीतामढ़ी जिले के गाँव हरियापुर का निवासी नितेश भी यहाँ काम करता था। दोनों लंबे समय से एक साथ काम कर रहे थे।


एसपी लखन सिंह यादव के मुताबिक प्रदीप अक्सर नितेश को उसके नाम से न बुलाकर ‘बिहारी’ कहता था। नितेश प्रदीप द्वारा किये जा रहे इस संबोधन का विरोध करता था। पुलिस के अनुसार इसी को लेकर दोनों के बीच पहले भी कई बार कहासुनी हो चुकी थी। बताया गया कि 17 अगस्त को प्रदीप की बहन अमन देवी अपनी छोटी बहन के साथ उससे मिलने डेयरी पहुंची थीं। दोपहर में मुलाकात के बाद दोनों वापस लौट गईं।


18 अगस्त की सुबह वेदपाल सिंह डेयरी पहुंचे लेकिन प्रदीप वहाँ नही था जबकि उसका मोबाइल और कपड़े डेयरी में ही पड़े थे। प्रदीप की बहन से भी उसके बारे में जानकारी ली गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 19 अगस्त की शाम ग्राम प्रधान राकेश कुमार और वेदपाल सिंह थाने पहुंचे और प्रदीप के लापता होने की सूचना दी। दोनों अपने स्तर से भी उसकी तलाश कर रहे थे। इसी दौरान डेयरी में बनी भूसे की कोठरी से तेज दुर्गंध आने पर वहां तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पॉलीथिन में लिपटा प्रदीप का शव बरामद हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस, फील्ड यूनिट और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए।


पुलिस ने डेयरी पर प्रदीप के साथ काम करने वाले नितेश पर शक जताते हुए उसे हिरासत में लिया। शुरुआत में उसने घटना के बारे में जानकारी होने से इनकार किया, लेकिन पूछताछ के दौरान पुलिस के मुताबिक उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली। पुलिस पूछताछ में आरोपी  नितेश ने बताया कि घटना वाले दिन भी प्रदीप ने उसे ‘बिहारी’ कहकर बुलाया था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। गुस्से में उसने फावड़ा उठाकर प्रदीप के सिर, गर्दन, कंधे और कमर पर करीब पांच वार कर दिए, जिससे उसकी मौत हो गई। नितेश ने बताया कि हत्या के बाद पकड़े जाने के डर से उसने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। उसने पास रखे केन से डीजल निकाला और शव को जलाने का प्रयास किया, लेकिन केवल कपड़े ही जल सके।


इसके बाद उसने शव को पॉलीथिन में लपेटा और डेयरी की भूसे की कोठरी में छिपा दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी को उम्मीद थी कि शव छिपा रहने से घटना का पता नहीं चलेगा, लेकिन दो दिन बाद उठी दुर्गंध से राज खुल गया।


एसपी लखन सिंह यादव ने बताया कि आरोपी नितेश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल फावड़ा और घटना से जुड़े अन्य सामान बरामद किए गए हैं। पुलिस मामले की जांच के साथ घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

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