आज सोमवार को मेरठ कलेक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर जमकर प्रदर्शन किया। जिला और महानगर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता चौधरी चरण सिंह पार्क में जुटे और वहां से नारेबाजी करते हुए कमिश्नरी चौराहे से कलेक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। कार्यकर्ताओं के हाथों में “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो”, “चुनाव आयोग की निष्पक्षता कायम करो” और “वोट की चोरी बंद करो” जैसे नारे लिखी तख्तियां थीं।
कांग्रेस के जोरदार प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट को पहले ही बंद कर दिया गया था और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। गेट बंद देखकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच कई बार नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान एक महिला कार्यकर्ता ने गेट पर चढ़कर अंदर जाने का प्रयास किया, जबकि कई अन्य कार्यकर्ता गेट के सामने बैठकर नारेबाजी करते रहे। काफी देर बाद कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट खोला गया।
कांग्रेस कार्यकर्ता अपने साथ मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला भी लेकर पहुंचे थे। कांग्रेस के अनुसार, पुतला दहन किया जाना था, लेकिन पुलिस के साथ हुई छीना-झपटी के दौरान पुतला बारिश में भीग गया और पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। इसके चलते कार्यकर्ता पुतला दहन नहीं कर सके। प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय के पास पहुंचे। यहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “वोट चोर गद्दी छोड़” और “चुनाव आयुक्त हटाओ, लोकतंत्र बचाओ” जैसे नारे लगाए। कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग दोहराई। इस प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष गौरव भाटी और महानगर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा ने किया।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष गौरव भाटी ने कहा कि जनता का वोट लोकतंत्र में सर्वोच्च है और उसकी सुरक्षा करना निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब जनता के सामने आना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता अभिमन्यु त्यागी ने एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर मतदाताओं की चिंताओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पात्र मतदाता का नाम उचित प्रक्रिया के बिना नहीं हटना चाहिए और नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। गौरव भाटी ने कहा कि यदि आयोग के अधिकारियों ने प्रक्रियाओं को लेकर आपत्तियां दर्ज की हैं तो उन पर जनता के सामने बिंदुवार जवाब आना चाहिए। वहीं महानगर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा ने कहा कि कांग्रेस चुनाव व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़े सवाल उठा रही है।
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के अलावा मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने की प्रक्रिया तथा चुनावी डेटा की सुरक्षा को लेकर पारदर्शिता की मांग रखी गई।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि वोट किसी राजनीतिक दल, सरकार या नेता की संपत्ति नहीं, बल्कि नागरिक के मतदान अधिकार से जुड़ा विषय है। उनका कहना था कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों का पारदर्शी तरीके से समाधान किया जाना चाहिए।
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