पुलिस के अनुसार ये गिरोह करीब चार साल से साइबर ठगी कर रहा था और अब तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की जा चुकी है। गिरोह के सक्रिय सदस्य पांच हजार से ज्यादा म्यूल बैंक खातों में ठगी की रकम पहुंचाकर उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर करते थे। गिरोह का सरगना अभी फरार बताया जा रहा है।
एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि गिरोह के सदस्य किसी एक शहर में लंबे समय तक नहीं रुकते थे। करीब एक महीने तक किसी शहर में ठिकाना बनाकर स्थानीय लोगों की मदद से म्यूल बैंक खाते जुटाए जाते थे। ये आरोपी अपने ठिकाने पर बैठकर सीधे साइबर ठगी नहीं करते थे। ठगी करने के दौरान ये लोग कार से सड़क पर निकल जाते थे और वहीं से गतिविधियों को अंजाम देते थे। पुलिस ने यह भी बताया कि गिरोह के संपर्क दुबई और अन्य खाड़ी देशों में बैठे साइबर ठगों से होने की जानकारी सामने आई है।
गिरोह के मुरादाबाद में सक्रिय होने की जानकारी मिलने पर सिविल लाइंस पुलिस ने सोनकपुर पुल के पास विशेष चेकिंग शुरू किया था। इसी दौरान कल शनिवार की शाम दो कारों में सवार 13 आरोपियों को पकड़ लिया गया।गिरफ्तार आरोपियों में श्रीनिवास लू, विविध पटेरिया, दिव्यम कुमार, अरमान शाह, सतेंद्र कुमार, राजकुमार, मंजीत सिंह उर्फ नन्हे, शिवम विश्वास, मोहम्मद दनियाल, दलवीर चौहान, आजम, सुमित और महेंद्र सिंह शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 26 हजार रुपये नकद, लैपटॉप, सिम कार्ड और दो कारें बरामद करने की बात कही है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना अभी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। साथ ही विदेश में बैठे साइबर अपराधियों से आरोपियों के कथित संपर्कों की भी जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
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