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सोमवार, अगस्त 06, 2018

बिजनौर - जिला मुख्यालय से सटे गांव की सड़कें बन रही तालाब, प्रशासन बना बैठा अनजान

रिपोर्ट - बिजनौर /उत्तर प्रदेश से तहसील प्रभारी निपेंद्र।

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 इस समय बरसात का मौसम चल रहा है और पिछले कुछ दिनों से बारिश लगभग लगातार ही हो रही है। इस बारिश ने मुरादाबाद मंडल के कई शहरों और गांवों में प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है। प्रशासन के दावे हकीकत के सामने बौना साबित हो रहे हैं।

बिजनौर शहर से सटे गांव तिबड़ी में भी सड़कों का नजारा कुछ ऐसा है जिसे देखकर यह अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है कि जिला प्रशासन कितना सक्रिय है व ग्रामीण विकास के लिए कितना कार्य कर रहा है। गांव की तमाम सड़के जिनमें बिजनौर से गांव को जोड़ने वाली मुख्य सड़क भी शामिल है तालाब में तब्दील हो रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार अब गांव में आने के लिए रिक्शा वाले भी मना कर देते हैं।

गांव की सड़कें, नाला, सौर ऊर्जा प्लांट, प्राइमरी विद्यालय की टूटी दीवार, कच्चा रास्ता इस बात की चीख चीखकर गवाही दे रहे हैं कि यह गांव प्रशासन की उपेक्षा का शिकार है और यहां प्रशासनिक अधिकारी केवल नाम के लिए ही पास में हैं वरना कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गांव की स्थिति को देखकर यह अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि जिला मुख्यालय के करीब होने पर जब यह हालात हैं तो उन गांव का क्या हाल होगा जो सुदूर क्षेत्रों में स्थित है।

दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि 1 अगस्त 2018 से 30 अगस्त 2018 तक ग्रामीण स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान चलाया जाएगा। जिले के स्कूल चमकेंगे इस सब के बावजूद भी जिला मुख्यालय से सटा गांव होने पर भी प्रशासनिक अधिकारी आंखें मूंदे अनजान बने बैठे हैं।

स्थानीय निवासी इन अव्यवस्थाओं के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं उनका कहना है कि यदि अभी भी गांव में विकास कार्य नहीं कराए जाते हैं तो गांव का युवा वर्ग लखनऊ जाकर प्रदेश सरकार के आला अधिकारियों के सामने अपनी बात रखेगा।

गांव के युवा जिनमें सुरेंद्र, वीरेंद्र, मोनू, रिंकू, निपेंद्र, बिट्टू, सूबेदार जी, हरीश, सोनू , जीतू दीपक, रवि , टीकम सिंह आदि शामिल थे इस अवस्था के खिलाफ काफी आक्रोश देखने को मिला।