पूर्व सांसद व अभिनेत्री जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में फरार चल रहे रामपुर के पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर खान ने आज बुधवार काे मुरादाबाद कोर्ट में समर्पण कर दिया। अजहर खान ने मुरादाबाद में एसीएम 4 की कोर्ट में सरेंडर किया। जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पाठको को बताना उचित होगा कि रामपुर से दो बार सपा के टिकट पर सांसद बन चुकी जयाप्रदा के खिलाफ यह अभद्र टिप्पणी वर्ष 2019 में मुरादाबाद में आयोजित एक सभा में की गई थी। रामपुर से लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद सांसद बने आजम खां के स्वागत में यह सभा मुरादाबाद के कटघर क्षेत्र में एक इंटर कालेज में रखी गई थी। इसमें मंच से मुरादाबाद के सांसद डॉ. एसटी हसन ने जयाप्रदा के खिलाफ कई आपत्तिजनक बातें कही थीं। सांसद एसटी हसन ने जयाप्रदा को नाचने वाली तवायफ तक कह डाला था। अजहर खान भी इसी सभा में मंच पर मौजूद थे। इस मामले में 6 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें रामपुर के सपा सांसद आजम खां, उनके बेटे स्वार विधायक अब्दुल्ला आजम, मुरादाबाद के सांसद डॉ. एसटी हसन, फिरोज खां, आरिफ और रामपुर के पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां शामिल हैं। बाकी सभी आरोपी पहले ही कोर्ट में सरेंडर कर चुके हैं। अजहद अहमद खां 2 साल से फरार चल रहे थे। कोर्ट से लगातार इस मामले में अजहर अहमद के खिलाफ वारंट जारी हो रहे थे।
अजहर अहमद खां के अधिवक्ता एडवोकेट फसीउल्ला ने कहा कि कोर्ट ने अजहर अहमद को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। उन्होंने कहा कि जिस सभा में मुरादाबाद के सांसद एसटी हसन ने जयाप्रदा का तवायफ कहा था उसमें अहजर अहमद भी मंच पर मौजूद थे। लेकिन उन्होंने कहा कुछ नहीं था। एडवोकेट ने कहा कि 29 मार्च को वह इस मामले में डिस्चार्ज के लिए आवेदन करेंगे।
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