पाठको को बताना उचित होगा कि जिला अमरोहा के गजरौला थाना क्षेत्र के गाँव मुरीदपुर अटारी निवासी सतपाल सिंह की पुत्री मीनू का विवाह बछरायूं के मौहल्ला कानूनगोयान निवासी सोनू के साथ किया था। विवाह के कुछ समय बाद से ही पति सोनू, ससुर अमर सिंह व देवर मोनू द्वारा मीनू को दहेज़ की माँग करते हुए प्रताड़ित किया जा रहा था। मीनू से दहेज़ में 50 हजार रूपये नकद की माँग की जाती थी और इंकार करने पर उसे मारा पीटा जाता था। 19 अगस्त 2017 को इन सभी ने मीनू को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। मीनू के मायके पक्ष के लोगो को उसका शव एक चारपाई पर पड़ा मिला था। इस मामले में मीनू के पिता की तहरीर के आधार पर दहेज़ हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए पुलिस ने मृतका के पति सोनू, देवर मोनू व ससुर अमर सिंह भेज दिया था। कुछ समय बाद देवर व पति जमानत पर जेल से बाहर आ गए थे मगर ससुर अमर सिंह को जमानत नहीं मिल सकी थी।
ये मुकदमा अपर जिला सत्र व न्यायाधीश पोक्सो एक्ट द्वितीय कुसुमलता की अदालत में विचाराधीन था। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही मृतका के ससुर अमर सिंह की मौत हो गयी थी। आज शनिवार को मुकदमे सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता अमित वशिष्ठ ने पैरवी की। सुनवाई के बाद दिए गए निर्णय में अदालत ने पति सोनू और देवर मोनू को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी माना और 7 वर्ष की कैद सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर 14 हजार रूपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है।
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