नहटौर थाना क्षेत्र के गाँव सलारपुर शफ्फकतपुर स्थित मदरसे के वित्तीय प्रबंधन और हिसाब-किताब को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। इस मामले को लेकर हुई मारपीट के मामले मे पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव स्थित मदरसे के वित्तीय लेनदेन और हिसाब-किताब की जिम्मेदारी पहले खुर्शीद अहमद के पास थी। करीब एक माह पूर्व यह जिम्मेदारी इंतजार अहमद को सौंप दी गई थी। इसी बदलाव और मदरसे के वित्तीय मामलों को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद पैदा हो गए, जो धीरे-धीरे विवाद में बदल गए। मामले में अब्दुल गनी ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि विवाद के दौरान तैय्यब, आबिद, फुरकान, मुफीद सहित अन्य लोगों ने उनके पोते इस्तेफाक के साथ मारपीट की। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला किया, जिससे युवक घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलने के बाद थाना नहटौर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मुकदमे में दर्ज धाराओं में संशोधन भी किया गया है।
आज शनिवार को नहटौर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले में नामजद और वांछित चल रहे दो आरोपियों आबिद और मुफीद को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह और कांस्टेबल रोहित कुमार शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। घटना से जुड़े वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आ सके।
कोतवाल रविन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। साथ ही क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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