जिला बिजनौर के नहटौर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिलीवरी के दौरान हुई एक नवजात शिशु की मौत पर आक्रोशित परिजनो ने स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनो ने पुलिस को मामले की तहरीर देकर दोषियो के खिलाफ कठोर कार्रवाई किये जाने की मांग की है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने नवजात शिशु के शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेजने के साथ ही मामले की जाँच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग ने भी मामले की आंतरिक जाँच के आदेश दिए है।
थाना क्षेत्र के गाँव राजपुर नन्हेड़ा निवासी सुरेश कुमार ने पुलिस को दी गयी तहरीर में बताया कि गत 11 दिसंबर की शाम लगभग 4 बजे वह अपनी गर्भवती पत्नी मधु देवी को जाँच हेतु अस्पताल लाये थे। यहाँ चिकित्सको ने जाँच के बाद उन्हें बताया था कि गर्भ में जुड़वा बच्चे है और स्वस्थ है। चिकित्सको ने उसी दिन शाम 5 बजे तक सामान्य प्रसव होने की बात कही थी। सुरेश कुमार के अनुसार पहले बच्चे का प्रसव सफलतापूर्वक होने के बाद अस्पताल स्टाफ शाम 5 बजे से रात 6 बजे तक प्रयास किया मगर सफलता नही मिली। सुरेश कुमार का कहना है कि दूसरे बच्चे का प्रसव न होने पर अस्पतालकर्मियो ने रात 8 बजे परिजनो ने कहा कि वे महिला को किसी निजी अस्पताल ले जाये। अस्पतालकर्मियो का कहना था कि महिला का ऑपरेशन करना होगा।
परिजन महिला को तुरंत एक निजी अस्पताल ले गए और भर्ती करा दिया। निजी अस्पताल में हुए ऑपरेशन के दौरान दूसरा बच्चा मृत पाया गया। परिजनों का आरोप है कि सीएचसी स्टाफ द्वारा डिलीवरी के लिए लंबे समय तक अत्यधिक प्रयास करने और सिर पर ज्यादा दबाव पड़ने के कारण बच्चे की मौत हुई है। पुलिस ने सुरेश कुमार द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी धीरज नागर ने बताया कि मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की गहन जांच कर रहे हैं। सीएचसी प्रभारी ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं।
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