उत्तर प्रदेश के जिला रामपुर मे हो रहे अवैध खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने शुक्रवार को एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। तहसील स्वार के ग्राम भगवंत नगर में चल रहे मिट्टी के अवैध काले कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए प्रशासन ने संबंधित कंपनी पर 3.63 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। साथ ही कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
उक्त पूरा मामला स्वार तहसील के ग्राम भगवंत नगर से जुड़ा है। यहाँ मैसर्स गाबर कंपनी द्वारा मिट्टी के अवैध खनन की शिकायतें मिल रही थीं। डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया था। समिति की स्थलीय जांच और अभिलेखों के विश्लेषण में चौंकाने वाले तथ्य सामने आये। जाँच मे पता लगा कि अभी तक कुल 3 लाख से अधिक वर्ग मीटर का अवैध खनन किया जा चुका है तथा इसकी औसतन गहराई 2.5 मीटर से अधिक है। जाँच मे पाया गया कि कम्पनी ने उ.प्र. उप-खनिज परिहार नियमावली, 2021 के नियम 58 का खुला उल्लंघन किया है।
अवैध खनन के इस खेल में स्थानीय राजस्व अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। डीएम ने स्पष्ट किया कि बिना स्थानीय मिलीभगत के इतना बड़ा खनन संभव नहीं था। इसके चलते क्षेत्रीय लेखपाल सचिन सक्सेना व कानूगो अजय सागर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के साथ ही विभागीय जाँच के आदेश दिए गए है। प्रशासन की ओर से मैसर्स गाबर रुद्रपुर हाईवे प्राइवेट लिमिटेड को भी 3 करोड़ 63 लाख से अधिक के जुर्माने का नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने कम्पनी के 6 डंपर और 2 ओवरलोड वाहनों को सीज कर स्वार शुगर मिल परिसर में खड़ा कराया है। इन वाहनों से भी 2.55 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है। इसके अतिरिक्त मौके पर मिली 2 पोकलेन मशीनों पर अलग से 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
प्रशासन की ओर से कम्पनी पर जुर्माना लगाने के साथ ही मैसर्स गाबर रुद्रपुर हाईवे प्राइवेट लिमिटेड एवं अन्य के खिलाफ स्वार कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि अवैध उत्खनन के खिलाफ हमारी मुहिम जारी रहेगी। स्वार में बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी पर करोड़ों का जुर्माना लगाया गया है और लापरवाह राजस्व कर्मियों को निलंबित किया गया है। सरकारी संपत्ति और पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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