गरीबों के सिर पर छत देने हेतु संचालित की जा रही 'प्रधानमंत्री आवास योजना' में भ्रष्टाचार का एक बड़ा खुलासा हुआ है। डूडा विभाग से जुड़े एक कर्मी जो खुद को जेई बताता है नगर पालिकाध्यक्ष धामपुर ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। यह हाई-प्रोफाइल ड्रामा कल गुरुवार शाम एक नगरपालिका सभासद के घर पर हुआ।
उक्त पूरा मामला धामपुर नगर के मौहल्ला बाड़वान से जुड़ा है। मौहल्ला निवासी सुनील कुमार का चयन पीएम आवास-प्रथम योजना के सर्वे में हुआ था। हाल ही में उनके खाते में पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये आए थे। सुनील कुमार का आरोप है कि डूडा विभाग में कार्यरत प्रदीप कुमार, जो सर्वे का काम देखता था और खुद को जेई बताता था, किस्त जारी होने के बाद से 20 हजार रुपये की मांग कर रहा था। लाभार्थी सुनील कुमार ने इस शोषण की शिकायत नगर पालिकाध्यक्ष चौधरी रवि कुमार सिंह से की थी। पालिकाध्यक्ष ने आरोपी को सबक सिखाने के लिए एक योजना बनाई। इस योजना के तहत आरोपी प्रदीप कुमार को गुरुवार शाम सभासद पूनम सैनी के घर पैसे लेने बुलाया गया। यहाँ पहुंचे कथित जेई प्रदीप कुमार द्वारा सुनील से 20 हजार रूपये लिए जाने के बाद बगल के कमरे मे मौजूद रहे पालिकाध्यक्ष ने उसे दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से प्रदीप कुमार के होश उड़ गए और अपने किये पर माफ़ी मांगने लगा।
पालिकाध्यक्ष रवि चौधरी ने तत्काल ईओ रवि शंकर शुक्ला को मौके पर बुलाया और डीएम जसजीत कौर व डूडा के उच्च अधिकारियों को फोन पर घटना की जानकारी दी। पालिकाध्यक्ष का कहना है कि उन्हें कई अन्य वार्डों से भी उक्त व्यक्ति द्वारा पैसे वसूलने की शिकायतें मिल रही थीं। अधिकारियों के निर्देश पर फिलहाल आरोपी को छोड़ दिया गया है, लेकिन विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
उक्त मामले मे प्रभारी परियोजना अधिकारी डूडा वंदना कुशवाहा ने बताया कि रिश्वत लेते पकड़ा गया व्यक्ति पूर्व में पीएम आवास योजना में जेई था, वर्तमान योजना से उसका कोई लेना-देना नहीं है। संबंधित एजेंसी को उसे हटाने और कठोर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है। इस मामले मे जिलाधिकारी जसजीत कौर का कहना है कि डूडा विभाग के जेई द्वारा रिश्वत लेने का प्रकरण संज्ञान में आया है। यदि किसी पात्र से पैसा लिया गया है, तो जांच कराकर संबंधित के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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