उत्तर प्रदेश के जिला अमरोहा में तैनात बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) पर मर्यादाओं को ताक पर रखकर एक महिला का जीवन बर्बाद करने का संगीन आरोप लगा है। पीड़िता का दावा है कि जेई ने उसे अपने प्रेम जाल में फंसाकर पति से अलग कराया और 4 साल तक उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने के बाद अब उसे अपनाने से इनकार कर रहा है। आज मंगलवार को एसपी कार्यालय पहुंची पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाई है।
मंडी धनौरा थाना क्षेत्र की निवासी पीड़िता के अनुसार उसका पति मजदूरी करता है और काम के सिलसिले मे अक्सर बाहर ही रहता है। इसी दौरान करीब 4 वर्ष पूर्व जिले में चल रहे बिजली बिल वसूली अभियान के दौरान जेई का महिला के घर आना-जाना शुरू हुआ था। आरोप है कि जेई ने महिला को अपनी मीठी बातों में फंसाकर उसे अपने प्रेम जाल में फंसा लिया और पति से पूरी तरह अलग कर दिया।
पीड़िता ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि पति से रिश्ता टूटने के बाद आरोपी जेई ने उसे गजरौला स्थित एक किराए के मकान में रखा। वहां दोनों पति-पत्नी की तरह रहते थे। पीड़िता का दावा है कि 4 साल के इस रिश्ते के दौरान उसने एक बेटे को भी जन्म दिया, जो अब उसके साथ है। वर्तमान में आरोपी जेई की तैनाती हसनपुर तहसील क्षेत्र में है और वह अब पीड़िता को अपने साथ रखने या अपनाने को तैयार नहीं है।
इस मामले ने तूल तब पकड़ा जब बीती 26 जनवरी को महिला अपनी फरियाद लेकर जोया रोड स्थित जेई के सरकारी आवास पर पहुंची। महिला का आरोप है कि वहां जेई और उसकी पत्नी ने मिलकर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। उसे धक्के देकर घर से निकाल दिया गया। आज मंगलवार को एसपी कार्यालय पहुंची पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक अमित कुमार आनंद को शिकायती पत्र सौंपकर आरोपी जेई के साथ रहने की अनुमति और सुरक्षा की मांग की है।
एसपी अमरोहा अमित कुमार आनंद ने बताया कि ये मामला बेहद गंभीर है। पीड़िता की शिकायत का संज्ञान लेते हुए सीओ धनौरा को प्रकरण की जाँच के निर्देश दिए गए है। जाँच रिपोर्ट आने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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