उच्च शिक्षा में समानता को बढ़ावा देने के नाम पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोगद्वारा लाए गए नए बिल को लेकर सवर्ण समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कल मंगलवार को कुंवर रसिक चौहान के नेतृत्व में भारी संख्या में लोग बिजनौर कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और केंद्र सरकार के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इस बिल को तत्काल वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस प्रकार के कानून समाज में 'जातिगत जहर' घोलने का काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय जागरूक ब्राह्मण महासंघ के जिला अध्यक्ष विभोर कौशिक एडवोकेट और नगर अध्यक्ष तुषार शर्मा ने संयुक्त रूप से कहा कि समाज का भाईचारा और माहौल खराब हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस बिल को वापस नहीं लिया, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं और विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में जा सकता है।
ज्ञापन के माध्यम से यह मांग उठाई गई कि आरक्षण का लाभ जाति के बजाय आर्थिक आधार पर दिया जाना चाहिए। किसान मजदूर संगठन (पश्चिम उत्तर प्रदेश) के महामंत्री कुंवर रसिक चौहान ने कहा कि गरीबी किसी जाति विशेष को देखकर नहीं आती। चाहे सामान्य वर्ग हो, पिछड़ा हो या अनुसूचित, गरीबी रेखा के नीचे आने वाले हर परिवार को सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, "यदि ऐसे कानूनों के जरिए सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश की गई, तो उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर एक विशाल जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
प्रदर्शन में विभिन्न संगठनों ने हिस्सा लेकर अपनी एकजुटता दिखाई। ज्ञापन देने वालो मे मुख्य रूप से सवर्ण आर्मी के जिला अध्यक्ष पंकज शर्मा, क्षत्रिय सभा समिति के अध्यक्ष महेंद्र पाल सिंह, श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के जिला अध्यक्ष शेखर लाडयान, राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (सत्य) के जिला अध्यक्ष ललित चौहान, वीर सेना युवा के जिला अध्यक्ष रजत राजपूत के अतिरिक्त शोभा शर्मा, राहुल चौहान, विशेष राजपूत, प्रियांशु चौहान, सिद्धार्थ भारद्वाज, चंचल राजपूत, रोहित भारद्वाज, पुखराज सिंह, मोहित कुमार, राजवीर सिंह और देवेंद्र सिंह आदि।
प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में मांग की है कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य और सामाजिक समरसता को बनाए रखने के लिए सरकार अपने कदम पीछे खींचे, अन्यथा सवर्ण समाज सड़कों पर उतरकर बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा।
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