
जयपुर। बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ हिस्सा की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही है। इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। गहलोत ने इस संबंध में आज एक्स के माध्यम से कहा कि बांग्लादेश से आ रही हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ बर्बरता की खबरें विचलित करने वाली हैं। महज 19 दिनों में 5 हिंदुओं की हत्या एवं वहां महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार मानवता पर कलंक हैं।
अशोक गहलोत ने इस संबंध में आगे कहा कि 1971 के उस दौर की यादें आज भी ताजा हैं जब इंदिरा गांधी के नेतृत्व में भारत ने न केवल कूटनीतिक कड़ापन दिखाया था, बल्कि अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से इतिहास और भूगोल दोनों बदल दिए थे। उन्होंने अमेरिका जैसी महाशक्ति तक की परवाह नहीं की जिसने भारत के खिलाफ अपना सातवां बेड़ा रवाना कर दिया था।
पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि यह भी चिंताजनक है कि ऐसा देश जिसका निर्माण ही भारत ने किया था वह भारत के खिलाफ हो गया है। यह भारत सरकार की कूटनीतिक विफलता है। केंद्र सरकार को 'गहरी चिंता' व्यक्त करने जैसे रस्मी बयानों से आगे बढ़कर ठोस कदम उठाने चाहिए। पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों के जीवन और मान-सम्मान की रक्षा करना हमारी नैतिक और कूटनीतिक जिम्मेदारी है।
प्रधानमंत्री को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर प्रभावी दबाव बनाना चाहिए
अशोक गहलोत ने कहा कि इतिहास गवाह है कि मात्र खोखले नारों से नहीं, बल्कि निर्णायक नेतृत्व से ही निर्दोषों की जान बचाई जा सकती है। प्रधानमंत्री को इस मामले में हस्तक्षेप कर बांग्लादेश की अंतरिम सरकार पर प्रभावी दबाव बनाना चाहिए।
PC:hindi.livelaw
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