धामपुर पहुँची मेरठ एसटीएफ ने आज शुक्रवार की शाम खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो का डिप्टी कमिश्नर रौब गालिब करने वाले एक जालसाज को हिरासत मे लिया है। आरोपी एमएससी पास है और अपनी प्रभावशाली बातचीत की शैली का उपयोग कर पिछले पांच वर्षों से आम लोगों और प्रशासन को गुमराह कर रहा था।
एसटीएफ मेरठ की टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया आरोपी मनोज कुमार मूल रूप इस नगीना थाना क्षेत्र के गाँव त्रिलोकवाला का निवासी है। वह गत 5 वर्षो से धामपुर के नगीना रोड स्थित गुलमोहर रेस्टोरेंट के पास स्थित एक सेवानिवृत कानूनगो के मकान मे बतौर किरायेदार रह रहा था। आरोपी दवाइयो के होलसेल का कारोबार करता था। इस करोबार के कारण उसके कई नामी चिकित्सको व दवा विक्रेताओ से सम्पर्क है।
जाँच मे सामने आया कि गत 24 को धामपुर ईदगाह के पास हुए एक सड़क हादसे मे आरोपी की पत्नी अपर्णा की मौत हो गयी थी। इस घटना के बाद से मनोज ने खुद को आईबी का डिप्टी कमिश्नर बताते हुए पुलिस व अन्य प्रशासनिक अधिकारियो पर दबाब बनाना शुरू कर दिया था। इस मामले की जानकारी मिलने पर जाँच का दायित्व एसटीएफ मेरठ को सौंपा गया था। इसके बाद से एसटीएफ टीम ने उसकी गतिविधियो पर नजर रखना शुरू कर दिया था।
प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार के नेतृत्व मे धामपुर पहुंची एसटीएफ टीम ने आज शुक्रवार शाम आरोपी को हिरासत मे ले लिया। एसटीएफ टीम द्वारा की गयी पूछताछ मे पता लगा कि आरोपी मनोज कुमार एमएससी पास है और प्रभावशाली ढंग से बात कर खुद को आईबी का अधिकारी बताते हुए सरकारी अधिकारियो पर काम कराने के लिए दबाब डालता था। वह अपने परिचित चिकित्सको को भी आईबी अधिकारी के रूप मे ही परिचय देता था।
सीओ धामपुर अभय कुमार पांडेय ने बताया कि शासन से मिले पुख्ता इनपुट के आधार पर एसटीएफ ने यह गिरफ्तारी की है। आरोपी के पास से बरामद मोबाइल की कॉल डिटेल की बारीकी से जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि उसने अब तक कितने लोगों को शिकार बनाया है या किन सरकारी कार्यों में अवैध रूप से हस्तक्षेप किया है।
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