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जिला रामपुर के शहजादनगर थाना क्षेत्र से दहेज उत्पीड़न का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश मे आया है। यहाँ दहेज के लग्जरी कार न मिलने पर ससुराल पक्ष ने मासूम बेटी के साथ घर से निकाल दिया। पुलिस को दी गयी तहरीर मे पीड़िता ने दहेज के लिए अमानवीय उत्पीड़न करने और अपनी एक मासूम बेटी की मौत का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर पति समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शहजादनगर थाना क्षेत्र के गाँव जसमौली निवासी पीड़िता गुड्डी देवी ने बताया कि उसका विवाह वर्ष 2014 में मिलक कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जाफराबाद निवासी उमेश के साथ हुआ था। शादी के समय मायके पक्ष ने अपनी सामर्थ्य अनुसार पर्याप्त दान-दहेज दिया था, लेकिन ससुराल पक्ष के लोग लग्जरी कार की मांग पर अड़े थे। मांग पूरी न होने पर शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वालो ने गुड्डी का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न शुरू कर दिया था। विवाहिता ने बताया कि उसने दो बेटियों को जन्म दिया। इसके बाद यातनाये और बढ़ गयी। दहेज मे कार न मिलने का गुस्सा मासूम बच्चियों पर निकाला जाने लगा। आरोप है कि ससुरालियों द्वारा की गई मारपीट के कारण उसकी एक बेटी गंभीर रूप से बीमार हो गई और सही उपचार न मिलने के कारण मासूम ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया।
उत्पीड़न का ये सिलसिला यहीं नहीं थमा। महिला का पति उमेश नौकरी के बहाने चंडीगढ़ चला गया और लंबे समय तक पत्नी व बच्चों की सुध नहीं ली। सामाजिक दबाव और गणमान्य लोगों के समझाने पर वह वापस ससुराल आ गयी लेकिन मारपीट और प्रताड़ना जारी रही। अंततः आरोपियों ने उसे और उसकी जीवित बची बेटी को घर से बाहर निकाल दिया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता के पति उमेश के साथ ही छत्रपाल, बिलासो, अनिल, अजय, अरविन्द व रामचंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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