उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद मे सड़को पर घूम रहे निराश्रित गोवंश की दुर्दशा को लेकर प्रदर्शन करना राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को भारी पड़ गया है। इस मुद्दे को लेकर गत 30 मार्च को नगर आयुक्त कैंप कार्यालय पर किए गए प्रदर्शन के मामले में नगर निगम के सुरक्षा प्रभारी अविनाश कुमार गौतम की ओर से कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस कार्रवाई के बाद से संगठन पदाधिकारियो व निगम प्रशासन के बीच ठन गई है व आरोप प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है।
पाठको को बताना उचित होगा कि प्रदेश सरकार द्वारा गौवंश के पालन पोषण व उत्थान के लिए किये जा रहे तमाम प्रयासो के बाद भी महानगरो से लेकर छोटे कस्बो पर गौवंशीय पशु सड़को पर घूमते देखे जा सकते है। ये निराश्रित पशु एक ओर जहाँ किसानो की फसलो को बर्बाद कर रहे है वही तमाम दुर्घटनाओ का भी कारण बन रहे है। इन्ही गौवंशीय पशुओ की दुर्दशा को देखते हुए गत 30 मार्च को राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओ ने नगर आयुक्त के कैम्प कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। इस मामले मे एक ज्ञापन भी दिया गया था। इस ज्ञापन मे निराश्रित गोवंश को नगर निगम की गोशालाओं में रहे जाने, बीमार गौवंश के लिए चिकित्सा व्यवस्था किये जाने के साथ ही सड़को पर मरने वाले गौवंशीय पशुओ के अंतिम संस्कार की व्यवस्था किये जाने की मांग की गयी थी।
अब इस मामले मे नगर निगम के सुरक्षा प्रभारी की ओर से बजरंग दल कार्यकर्ताओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए संगीन आरोप लगाए गए है। नगर निगम के सुरक्षा प्रभारी की ओर से दर्ज कराये गए मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नगर आयुक्त के आवासीय परिसर में घुसने का प्रयास किया और हनुमान चालीसा का पाठ कर सरकारी कार्य में बाधा डाली। नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल का कहना है कि जो विषय उठाए गए थे, वे उनसे संबंधित नहीं थे, फिर भी भीड़ ने कैंप ऑफिस पर आकर हंगामा किया और सुरक्षा गार्डों से उलझने की कोशिश की।
दूसरी ओर राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रांत प्रमुख रोहन सक्सेना ने इस मुकदमे को पूरी तरह से फर्जी और निराधार बताया है। उन्होंने नगर आयुक्त को खुली चुनौती देते हुए कई सवाल खड़े किए है। उन्होंने कहा कि कैंप कार्यालय के चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी लगे हैं। यदि एक भी प्रदर्शनकारी आवास में घुसा या तोड़फोड़ की है उसका वीडियो सार्वजनिक किया जाए। संगठन का दावा है कि प्रदर्शन पूर्व निर्धारित था और उस दौरान सिविल लाइंस पुलिस, एलआईयू और सुरक्षा गार्ड मौजूद थे। पूरी घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग भी हुई है। रोहन ने तीखे लहजे में कहा, "क्या मोदी-योगी राज में गाय का मुद्दा उठाना और हनुमान चालीसा पढ़ना अपराध है? अगर यह जुर्म है, तो क्या अब हमें कलमा पढ़ना होगा?"
संगठन के प्रांत प्रमुख रोहन सक्सेना ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी से मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि हाल ही में डीजीपी ने निर्देश दिए थे कि झूठा मुकदमा दर्ज कराने वालों पर कार्रवाई होगी। रोहन का कहना है कि यदि आरोप गलत साबित होते हैं, तो मुकदमा लिखाने वाले अधिकारियों पर ही एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
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