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शनिवार, अप्रैल 04, 2026

मेरठ/उत्तर प्रदेश - बुर्का पहनकर कोर्ट पहुँची 'लव जिहाद' की शिकार कोमल, आयु प्रमाण पत्र न होने से नहीं दर्ज हुए बयान

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एआई जनरटेड इमेज 
मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में चर्चित 'लव जिहाद' मामले की पीड़िता कोमल आज शनिवार को एसीजेएम-8 की अदालत में अपने बयान दर्ज कराने पहुँची। चौंकाने वाली बात यह रही कि युवती कोर्ट परिसर में बुर्का पहनकर पहुँची थी। हालांकि जन्मतिथि का आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण अदालत में उसके बयान दर्ज नहीं हो सके। पुलिस ने फिलहाल युवती को वापस आशा ज्योति केंद्र भेज दिया है।

पाठको को बताना उचित होगा कि लिसाड़ी गेट के इस्लामाबाद निवासी रऊफ ने खुद को हिंदू बताकर इंस्टाग्राम पर पंजाब के गुरदासपुर निवासी कोमल से दोस्ती की थी। आरोप है कि रऊफ ने युवती को अपने प्रेमजाल में फंसा लिया और गत 20 मार्च को उसे बहला-फुसलाकर मेरठ ले आया। यहाँ लाकर युवती का कथित रूप से धर्मांतरण  कराया गया और उससे निकाह कर लिया गया।

गत 30 मार्च की रात इस निकाह और धर्मांतरण की सूचना सार्वजनिक होने पर भाजपा पार्षद अभिनव अरोड़ा और भवेश मेहता समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं ने रऊफ के घर पर धावा बोल दिया था। इस मामले को 'लव जिहाद' बताते हुए भाजपाइयों ने भी लिसाड़ी गेट थाने पर भी जमकर प्रदर्शन करते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने स्थिति बिगड़ती देख रऊफ और युवती को हिरासत में ले लिया था।

सूचना मिलने पर युवती के पिता व परिजन भी मेरठ पहुँच गए थे। इस मामले में कोमल के पिता द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपी रऊफ के खिलाफ जबरन मतांतरण और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था।

आज शनिवार को पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच युवती को लेकर कोर्ट पहुँची थी। इंस्पेक्टर अशोक कुमार के अनुसार कानूनन बयान दर्ज कराने के लिए युवती की सही आयु का निर्धारण अनिवार्य है। युवती का जन्मतिथि का पुख्ता रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण आज शनिवार को युवती के बयान दर्ज नहीं किए जा सके। पंजाब से रिकॉर्ड मंगवाया जा रहा है। दस्तावेज मिलने के बाद ही दोबारा कोर्ट में पेशी होगी। तब तक युवती आशा ज्योति केंद्र के संरक्षण में रहेगी।
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