गत 2 माह से मानदेय न मिलने पर आक्रोशित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने आज शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कर्मचारियो ने नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया और आरोप लगाया कि वे पूरी निष्ठा के साथ सेवाएं दे रहे है मगर इसके बावजूद थी प्रशासन उनकी समस्याओ को लेकर गंभीर नही है।
आज शुक्रवार की सुबह उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष शादाब हसन के सीएमओ कार्यालय पहुंचे संविदा कर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियो का कहना है कि उन्हें पिछले दो महीनों (मार्च और अप्रैल) का मानदेय अभी तक नही मिला है। मानदेय न मिलने पर उनके सामने आर्थिक समस्या खड़ी हो गयी है। प्रदर्शन कर रहे कर्मियों का कहना था कि नया शैक्षिक सत्र शुरू हो चुका है और मानदेय न मिल पाने के कारण उन्हें बच्चों की स्कूल फीस, किताबें और अन्य खर्चों को पूरा करने में भारी कठिनाई हो रही है। इसके साथ ही दैनिक घरेलू जरूरतो को पूरा करने के लिए भी उन्हें कर्ज लेने को मजबूर होना पड़ रहा है।
जिलाध्यक्ष शादाब हसन ने कहा कि संविदा कर्मचारी स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ की हड्डी हैं। विशेषकर दूरदराज के ग्रामीण इलाकों और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को जनता तक पहुँचाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके बावजूद, उनके मानदेय के भुगतान में देरी करना उनके मनोबल को गिराने जैसा है।
संघ ने सीएमओ को दिए गए ज्ञापन मे स्पष्ट मार्च और अप्रैल माह का लंबित मानदेय तत्काल जारी न किये जाने पर काम बंद कर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मी और संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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