उत्तर प्रदेश के जिला मुरादाबाद से एक कलियुगी पत्नी द्वारा के प्रेम सम्बन्धो मे बाधा बन रहे अपने पति की निर्मम हत्या किये जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश मे आया है। महानगर के मझोला थाना क्षेत्र के कुंदनपुर निवासी एक महिला ने अपने प्रेम संबंधों में बाधा बन रहे अपने पति की बिजली का करंट लगाकर बेरहमी से हत्या कर दी। इतना ही नहीं इस खौफनाक साजिश को आत्महत्या का रूप देने के लिए मृतक को जबरन जहर भी पिलाया गया। इस सबके बाद भी कातिल पत्नी की यह चालाकी ज्यादा दिन नहीं टिक सकी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट व घटनास्थल से मिले साक्ष्यों ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी पत्नी, उसके प्रेमी, सगी छोटी बहन व उसके प्रेमी समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस द्वारा उक्त घटना की जाँच करने पर पता लगा कि इस हत्याकांड में आरोपी महिला की सगी छोटी बहन शिखा भी शामिल थी। पूछताछ में सामने आया कि जब मुख्य आरोपी आंचल ने अपने पति पवन ठाकुर को रास्ते से हटाने के लिए अपनी बहन शिखा से मदद मांगी, तो शिखा ने एक हैरान करने वाली शर्त रख दी। शिखा ने आंचल से कहा, "जीजा के मरने के बाद घर और उनकी 10 बीघा जमीन तो तुम्हारी हो जाएगी, लेकिन इसमें मेरा क्या फायदा?" इस पर आंचल ने उसे लालच दिया कि पवन की मौत के बाद शिखा भी अपने प्रेमी के साथ इसी मकान में ऐश-ओ-आराम से रह सकती है। इसी लालच में आकर शिखा और उसका प्रेमी अजय दिवाकर भी इस जघन्य हत्याकांड का हिस्सा बन गए।
पाठको को बताना उचित होगा कि कृषि विभाग में कार्यरत पवन ठाकुर, मूल निवासी गाँव बघी गोधनपुर, थाना क्षेत्र मैनाठेर की शादी वर्ष 2020 में आंचल से हुई थी। इस समय दंपत्ति की 2 साल की एक मासूम बेटी भी है। बीते गत शनिवार को आंचल ने अपनी ननदो को फोन कर पवन की तबीयत खराब होने की सूचना दी थी। आँचल ने बताया था कि अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने पवन को मृत घोषित कर दिया है। आंचल ने पुलिस और परिवार के सामने दावा किया था कि पवन ने जहर खाकर खुदकुशी की है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेजने के साथ ही मामले की जाँच शुरू कर दी थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर पुलिस अधिकारियों के पैरों तले से जमीन खिसक गई। रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि पवन की मौत जहर से नहीं, बल्कि हाई-वोल्टेज बिजली का करंट लगने की वजह से हुई थी। मृतक के शरीर पर चोट के 9 गंभीर निशान मिले थे। ये निशान इस बात का सबूत थे कि मौत से पहले उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद जब पुलिस ने आंचल को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गई और उसने गुनाह की पूरी दास्तान उगल दी। पुलिस के अनुसार आंचल का पिछले 2 सालों से पवन के सगे तहेरे भाई के बेटे अंकित के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था। करीब 6 महीने पहले पवन को इसकी भनक लगने के बाद परिवार मे कलह होने लगी थी। शुक्रवार शाम पवन के घर वापस आते ही पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार आंचल ने उससे विवाद शुरू कर दिया। इसी दौरान घर में पहले से छिपे अंकित, शिखा और उसके प्रेमी अजय दिवाकर ने पवन को दबोच लिया। चारों ने मिलकर पहले पवन के हाथ-पैर बांधे, उसके साथ मारपीट की और फिर बिजली के नंगे तारों से उसे करंट के झटके दिए। पवन की मौत होने पर इस मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए उन्होंने उसके मुंह में जबरन जहर डाल दिया।
इस पूरे मामले में सबसे भावुक और अहम मोड़ मृतक पवन ठाकुर की सूझबूझ से आया। पवन को पहले से ही शक था कि उसकी पत्नी उसके साथ कोई बड़ी अनहोनी कर सकती है। उसने अपनी बहनों को फोन पर स्पष्ट कहा था कि "यदि किसी दिन संदिग्ध हालात में मेरी मौत हो जाए, तो उसे आत्महत्या मत समझना। मैं कभी आत्महत्या नहीं करूंगा। समझ लेना कि मेरी हत्या की गई है। पवन की बहनों ने इस बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंप दी, जो इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सबसे बड़ा और अकाट्य सबूत बन चुकी है।
एसपी सिटी रण विजय सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मृतक की बहनों द्वारा सौंपे गए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी पत्नी आंचल ठाकुर, उसके प्रेमी भतीजे अंकित, बहन शिखा और बहन के प्रेमी अजय दिवाकर को गिरफ्तार कर लिया गया है। सभी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। पुलिस अदालत में प्रभावी पैरवी कर आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाएगी।
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