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शनिवार, मई 23, 2026

धनारी/जिला सम्भल - उम्रकैद की सजा काट रहे दोषियो के भाई ने की आत्महत्या, अंगोछे से बने फंदे के सहारे पेड़ से लटका मिला शव

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उत्तर प्रदेश के जिला संभल से बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ कल शुक्रवार देर शाम की धनारी थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति का शव खेत मे नीम के पेड़ के सहारे लटका मिलने पर हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान सुभाष आयु 50 वर्ष पुत्र अनेगी सिंह के रूप मे हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया।


मृतक के परिजनो ने बताया कि कल शुक्रवार को सुभाष घर से बाहर गए थे। देर शाम तक वापस न आने पर चिंता होने पर परिजनो ने उसकी तलाश शुरू की मगर कोई सुराग नही मिल सका था। इस दौरान सूचना मिली कि धनारी थाना क्षेत्र के गाँव बगढेर मे एक 50 वर्षीय व्यक्ति का शव खेत मे नीम के पेड़ से लटका हुआ मिला है। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और सुभाष के रूप में उसकी शिनाख्त की। सुभाष का शव नीम के पेड़ पर अंगोछे के सहारे लटका हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम हेतु जिला अस्पताल भेज दिया।


थाना प्रभारी धनारी अखिलेश प्रधान ने बताया कि आज शनिवार को प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट मे मौत का कारण फांसी बताया गया है। इससे स्पष्ट है कि यह मामला आत्महत्या का है। आज दोपहर तक सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पुलिस ने शव परिजनो को सौंप दिया।


थाना प्रभारी से मिली जानकारी के अनुसार मृतक सुभाष की पत्नी की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। सुभाष के 3 सगे भाई और 2 भतीजे हत्या के एक मामले में कोर्ट से दोषी करार दिए जाने के बाद आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। घर के पुरुषों के जेल जाने के बाद से सुभाष अकेले पड़ गए थे और कथित तौर पर गहरे डिप्रेशन में आ गए थे। परिजनों के मुताबिक इसी तनाव के चलते उन्होंने अत्यधिक शराब का सेवन भी शुरू कर दिया था। मृतक के पीछे अब एक विवाहित बेटी और दो बेटे हैं।


सुभाष के परिवार का यह बिखराव वर्ष 2017 में हुए एक हत्याकांड से जुड़ा है। 24 सितम्बर 2017 को सुभाष के तीन भाइयो महानंदन, गिलिचन्द्र उर्फ़ गिरीश व नेकपाल तथा 2 भतीजो राहुल व राकेश ने गाँव बगढेर निवासी करउ पुत्र प्यारेलाल के घर मे घुसकर जानलेवा हमला किया था। ये सभी आरोपी करउ पर एक पुराने मामले मे समझौता करने का दबाब बना रहे थे। इस मारपीट मे घायल हुए करउ की अस्पताल मे उपचार के दौरान मौत हो गयी थी और पुलिस ने हत्या की धाराओ मे मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की थी।


उक्त मामले मे 13 मई 2024 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉस्को एक्ट कोर्ट) सम्भल अवधेश कुमार सिंह ने पांचों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई थी। इसके साथ ही कोर्ट ने सभी पर 66-66 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया था। 


कोर्ट के इस फैसले से पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला था वहीं दूसरी तरफ जेल गए अपराधियों के पीछे छूटे उनके भाई सुभाष इस पारिवारिक बिखराव और बदनामी के बोझ को सह नहीं पाए। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, लेकिन शुरुआती तौर पर इसे डिप्रेशन के चलते उठाया गया आत्मघाती कदम माना जा रहा है।

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