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गुरुवार, जून 18, 2026

बरेली/उत्तर प्रदेश - फेसबुक पर दोस्त बने युवक ने शादी का झाँसा देकर विधवा से ठगे 13 लाख, दो अन्य वारदातो को भी दिया अंजाम

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देश व दुनिया मे बढ़ रहे साइबर अपराध के बीच झुमका नगरी बरेली में भी साइबर अपराधियों का हौसला सातवें आसमान पर है। यहाँ शादी का झांसा, फर्जी ऑनलाइन टेंडर और यूपीआई फ्रॉड के जरिए ठगों ने तीन अलग-अलग वारदातों में लाखों रुपये उड़ा लिए हैं। इन सभी मामलो मे सबसे सनसनीखेज मामला सुभाषनगर थाना क्षेत्र का है, जहाँ खुद को ऑस्ट्रेलिया का निवासी बताने वाले कथित 'राज खुराना' ने एक विधवा महिला की जिंदगी भर की जमा-पूंजी पर हाथ साफ कर दिया।


सुभाषनगर थाना क्षेत्र की राजीव कॉलोनी की निवासी पीड़िता ने साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर सतीश नैन को अपनी आपबीती सुनाई। महिला ने बताया कि कुछ समय पूर्व ऊके पति का निधन हो चुका है। उसके बैंक खाते में पति की मौत के बाद मिले करीब 13 लाख रुपये जमा थे। इसी दौरान फेसबुक पर राज खुराना नामक एक व्यक्ति से उसकी जान पहचान हुई। फेसबुक पर दिए गए परिचय मे राज खुराना ने खुद को ऑस्ट्रेलिया निवासी एनआरआई बताया और व्हाट्सएप पर कॉलिंग शुरू कर दी। आरोप है कि इस युवक ने महिला से शादी करने का प्रस्ताव रखा और बताया कि वह उससे मिलने के लिए 31 मई को बरेली आ रहा है।


महिला के अनुसार 31 मई को ठग ने उसे फोन किया और कहा कि वह मुंबई एयरपोर्ट पहुंच गया  है जहाँ कस्टम अधिकारियों ने बहुत सारे विदेशी कैश और कीमती सामान के साथ उसे रोक लिया है। युवक ने कहा कि कस्टम अधिकारियो से बचाव के लिए उसे पैसे की जरूरत है।  महिला उसके झांसे में आ गई और उसने अपने खाते में मौजूद पूरे 13 लाख रुपये ठग के बताए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। पैसे मिलते ही आरोपी का फोन बंद हो गया, तब जाकर पीड़िता को ठगी का अहसास हुआ।


ठगी का दूसरा मामला भी सुभाषनगर थाना क्षेत्र का है। यहाँ कावेरी साउथ सिटी के रहने वाले चेतन्य प्रकाश को ऑनलाइन टेंडर के नाम पर निशाना बनाया गया। इस मामले में शातिर ठग ने खुद को 'टाटा मोटर्स उत्तराखंड का वाइस प्रेसिडेंट' बताया। उसने चेतन्य प्रकाश को एक बड़े ऑनलाइन टेंडर में भागीदारी का लालच दिया। टेंडर की आधिकारिक फीस और प्रक्रिया के नाम पर आरोपी ने चेतन्य से 1.50 लाख रुपये जमा करवा लिए। बाद में चैतन्य द्वारा जांच करने पर पता लगा कि यह टेंडर और कथित वाइस प्रेसिडेंट दोनों पूरी तरह फर्जी थे।


तीसरी वारदात सीबीगंज थाना क्षेत्र के गांव परधौली की है। यहाँ के निवासी अखिलेश के बैंक खाते में सेंध लगाकर साइबर अपराधियों ने कुल 1 लाख 3 हजार रुपये उड़ा लिए। चोरों ने 82,000 रुपये यूपीआई के जरिए ट्रांसफर किए और 21,000 रुपये डेबिट कार्ड से क्लोनिंग या पासवर्ड चोरी के जरिए निकाल लिए। यह घटना बीती 22 फरवरी की है। पीड़ित अखिलेश ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसका फायदा यह हुआ कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ठगे गए पैसों में से 60,000 रुपये होल्ड  करवा दिए। अब इंस्पेक्टर प्रदीप चतुर्वेदी के निर्देश पर पुलिस पूरी रकम वापस कराने और आरोपियों को दबोचने में जुटी है।

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