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मंगलवार, जुलाई 07, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए: Gehlot

इंटरनेट डेस्क। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एआईसीसी में प्रेस वार्ता की। इस मामले में उन्होंने पीएम मोदी, भाजपा और आरएसएस को निशाने पर लिया है। राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी ने बीजेपी-आरएसएस का चाल, चरित्र और चेहरा देश के सामने ला दिया है।

गहलोत ने एक्स के माध्यम से कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा बंसी पहाड़पुर से लीगल तरीके से मंदिर निर्माण के लिए पत्थर उपलब्ध करवाया गया था। राजस्थान के लोगों का एक अलग लगाव है क्योंकि जब मंदिर बन रहा था तब वहाँ इल्लीगल माइनिंग हो रही थी। बंसी पहाड़पुर करके जगह है एक भरतपुर के अंदर, पत्थर वहीं से मंदिर बनने के लिए जा रहा था। गहलोत ने कहा कि मिस्टर चंपत राय जी मेरे से मिले थे और एक और कोई दिनेश जी या कोई नाम थे वो भी आए थे। मैंने उनको कहा कि आप पवित्र काम करने की बात करते हो राम मंदिर की, तो अवैध पत्थर मत ले जाओ। इसको आप लीगल माइनिंग का पत्थर ले जाओ। वो जो एरिया था बंसी पहाड़पुर का, वहाँ पर इल्लीगल माइनिंग हो रही थी, तो बात फिर पीएमओ तक गई, फिर मिस्टर नृपेंद्र मिश्रा मेरे संपर्क में आए और उनको पूरी बात समझाई गई। फिर हमने रिकमेंड किया वहाँ उस एरिया को फारेस्ट से निकालने का। फिर फारेस्ट एरिया से निकाला गया।

राम मंदिर का मामला था, तो स्मूथली वो काम भी हो गया वरना तो वो बरसों लग जाते हैं, निकलता नहीं है। हमें धन्यवाद भी दिया गया, वो अलग बात है। इस पवित्र काम में भी चोरी हो जाए या इतने बड़े रूप में जो आरोप लग रहे हैं और ऐसा माहौल बन जाए कि पूरे देश के अंदर हर गाँव में, हर घर में चर्चा होने लग जाए तो एक विश्वासघात वाली बात हो गई।

अशोक गहलोत ने कांग्रेस की ओर से चार मांगे की है। इस संबंध में कांग्रेस भी ट्वीट किया है। गहलोत ने मांग की कि अयोध्या के राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी के बाद 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' को भंग कर देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट जज के द्वारा इस मामले की जांच होनी चाहिए। अयोध्या राम मंदिर के लिए धार्मिक और धर्माचार्यों को लेकर नया ट्रस्ट बनाया जाए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए।

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