उत्तर प्रदेश के जिला बदायूं से खाकी को कटघरे में खड़ा करने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहाँ इस्लामनगर थाना क्षेत्र में एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ जाति पूछकर मक्का के खेत में हुए गैंगरेप की घटना मे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि इस मामले को दबाने की कोशिश करते हुए पुलिस ने सिर्फ छेड़छाड़ की मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था मगर अब कोर्ट में पीड़िता के बयान होने के बाद पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा। अब इस मुकदमे में गैंगरेप और पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गई हैं।
पाठको को बताना उचित होगा कि इस्लामनगर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 13 वर्षीय बच्ची गत 26 जून को साइकिल से धान कुटवाने के लिए पास के गांव भवीपुर स्थित एक चक्की पर गई थी। वहां उसे भवीपुर गांव निवासी गजेंद्र मिला। गजेंद्र ने पहले बच्ची से पूछा कि किस बिरादरी से हो?" बच्ची के खुद को शर्मा परिवार से बताये जाने पर गजेंद्र ने अपने एक साथी के साथ मिलकर बच्ची का पीछा किया और सुनसान रास्ते पर दोनों दरिंदों ने बच्ची को घेर लिया। आरोप है कि दोनों बच्ची को खींचकर मक्का के खेत मे ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। जब पीड़िता ने शोर मचाने की कोशिश की, तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट भी की गई। ग्रामीणों को आते देख आरोपी मौके से फरार हो गए।
इस मामले में चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पीड़ित परिवार इंसाफ के लिए थाने पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि थानाध्यक्ष इस्लामनगर जितेंद्र सिंह ने उनकी सामूहिक दुष्कर्म के मामले की तहरीर को अपने पास रख लिया और मामले को हल्का करने के लिए दबाव बनाकर अपने मुताबिक दूसरी तहरीर लिखवाई। पुलिस ने आनन-फानन में इस घिनौने अपराध को महज 'छेड़छाड़' की मामूली धाराओं में दर्ज कर ठंडे बस्ते में डाल दिया। कल सोमवार को सोशल मीडिया पर घटना के तुरंत बाद का एक दर्दनाक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में सहमी और रोती हुई मासूम बच्ची खेत में अपनी आपबीती सुना रही थी। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर शुरू हुए चर्चाओं के दौर के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
दबाव में आई पुलिस ने आज मंगलवार को आनन-फानन में पीड़िता को कोर्ट में पेश किया और सीआरपीसी की धारा के तहत बयान दर्ज करवाए। सामने पीड़िता ने कोर्ट मे बिना किसी डर के अपने साथ हुए गैंगरेप की पूरी सच्चाई बयां कर दी। अदालत में पुलिस की इस घोर लापरवाही और मनमानी की परतें खुलते ही आला अधिकारी हरकत में आए।
मामले की गंभीरता और पुलिस पर लगे आरोपों को देखते हुए एसएसपी बदायूं, अंकिता शर्मा ने तुरंत कड़ा संज्ञान लिया। इस मामले मे दर्ज मुकदमे से अब छेड़छाड़ की धाराओं को हटाकर गैंगरेप और सख्त पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ा दी गई हैं। एसएसपी ने साफ किया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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