जिला बिजनौर के नांगल सोती थाना क्षेत्र से सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी किये जाने का एक मामला प्रकाश मे आया है। पीड़ित का आरोप है कि जल निगम मे चौकीदार की नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपी ने उससे हजारो रूपये ठग लिए और एक माह तक ड्यूटी भी करवाई। एक माह ड्यूटी करने के बाद उसे पता लगा कि विभागीय अभिलेखो मे उसका नाम ही दर्ज नही है। पीड़ित ने इस प्रशासनिक अधिकारियो से इस मामले की शिकायत करते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किये जाने की मांग की है।
नांगल सोती निवासी पीड़ित प्रदीप शुक्ला के अनुसार तितोसरा निवासी कथित ठेकेदार ने उसे शहजादपुर स्थित जल निगम की पानी की टंकी पर चौकीदार की नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। ठेकेदार ने बताया था कि इस मामले मे विभागीय अधिकारियो से बात हो रही है और जल्द ही नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। ठेकेदार ने अपनी बातो मे उलझाकर प्रदीप से साढ़े 11 हजार रुपए भी ले लिए।
प्रदीप का कहना है कि ठेकेदार ने रुपये लेने के बाद उसे शहजादपुर स्थित जल निगम टंकी पर चौकीदार के रूप में नियमित ड्यूटी करने के लिए भी भेज दिया गया। यहाँ प्रदीप ने लगभग एक माह तक वहां काम किया। एक माह बीतने पर प्रदीप अपनी नियुक्ति और वेतन के संबंध में जानकारी लेने के लिए विभाग पहुँचा। जहाँ पता चला कि विभागीय रिकॉर्ड में उसका नाम कहीं दर्ज ही नहीं है। विभागीय जानकारी में यह भी सामने आया कि संबंधित टंकी पर चौकीदार के पद पर पहले से ही एक अन्य व्यक्ति कार्यरत है। इसके बाद प्रदीप को अपने साथ धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ।
पीड़ित का आरोप है कि फोन कर इस बारे मे जानकारी करने पर ठेकेदार ने बताया कि उसके दस्तावेज और पैसे जल निगम में तैनात नजीबाबाद ब्लॉक के एक अधिकारी को दिए गए थे। जिनका अब दूसरे राज्य में तबादला हो चुका है। प्रदीप शुक्ला ने बताया कि वह पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी और जल निगम कार्यालय में करेंगे। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई करने तथा अपने पैसे वापस दिलाने की मांग की है।
उक्त मामले की जानकारी मिलने पर वीटीएल कंपनी के जनरल मैनेजर संजय हांडू नांगल सोती पहुंचे और पीड़ित से मुलाकात की। पीड़ित की मौजूदगी में उन्होंने कथित ठेकेदार से फोन पर बातचीत कर रुपये लेने के संबंध में जानकारी ली। बातचीत के दौरान ठेकेदार ने पीड़ित के रुपये लौटाने की बात कही। संजय हांडू ने आश्वासन दिया कि यदि किसी ठेकेदार ने नियमों के विपरीत रुपये लिए हैं, तो उनकी वापसी सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कंपनी पूरे मामले की आंतरिक जांच कर रही है।
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