जिला बदायूँ के उघैती थाना क्षेत्र मे नई नवेली दुल्हन के घर आने की खुशियाँ मना रहे एक परिवार की खुशियाँ उस समय मातम में बदल गयी जब सुहाग सेज पर पहुंचे दूल्हे को सांप ने डस लिया और उसकी मौत हो गयी। शादी के कुछ घंटो के बाद ही हुई इस दर्दनाक घटना ने दूल्हे के परिजनो के साथ ही उसकी जीवन संगिनी बनी दुल्हन के भी सपनो को चकनाचूर कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के गाँव रियोनाई निवासी बबलू मौर्य आयु 22 वर्ष पुत्र कुंवर पाल मौर्य की बारात बुधवार को गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के गाँव लौहरपुरा गयी थी। बबलू अपनी नई नवेली दुल्हन नीतू को विदा कराकर बारात के साथ गुरुवार को ही वापस आया था। नई नवेली दुल्हन के आने के बाद घर मे ख़ुशी का माहौल था और सभी नाच गा रहे थे। गुरुवार को पूरे दिन नई बहू के स्वागत और शादी की अन्य रस्मे मनाई जाती रही।
परम्परा के अनुसार गुरुवार की रात को नवविवाहित जोड़े को कमरे मे एक साथ सुलाया गया था। मृतक के पिता कुंवर पाल मौर्य ने बताया कि कमरे मे जाने के कुछ देर बाद ही बबलू ने अचानक ही तेज पेट दर्द की शिकायत की। परिजन बबलू को लेकर एक निजी क्लिनिक पर पहुंचे। जहाँ चिकित्सक ने उपचार करने से मना करते हुए हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी। परिजन बबलू को लेकर सहसवान स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। जहाँ चिकित्सको ने प्राथमिक जाँच के बाद सर्पदंश से शरीर मे विष फैलने की आशंका जताई। चिकित्सको ने बबलू को यहाँ से मेडिकल कॉलेज बदायूँ के लिए रेफर कर दिया।
परिजन तुरंत ही बबलू को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। जहाँ चिकित्सको ने बबलू को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने इसके बाद भी उम्मीद का दामन नही छोड़ा और बबलू को लेकर झाड़ फूंक करने वालो के पास पहुंचे। झाड़ फूँक वालो द्वारा किये गए तमाम प्रयास भी विफल हो गए और बबलू की जान नही बच सकी।
बबलू की मौत की सूचना मिलते ही शादी की खुशियो का जश्न मना रहे परिवार मे चीख-पुकार मच गई। सुहाग के जोड़े में ससुराल आई नीतू के साथ शादी की कई रस्में शुक्रवार सुबह होनी थी जो बबलू के न रहने पर भी कभी पूरी नहीं हो सकेंगी। पति की अचानक मौत की खबर मिलते ही दुल्हन बनी नीतू बदहवास हो गई। वह लगातार रोती रही और कई बार बेहोश भी हो गई। पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
बबलू के पिता कुंवर पाल मौर्य ने नम आंखों से बताया कि उन्होंने बड़े अरमानों के साथ बेटे की शादी की थी। बबलू खेती-किसानी में उनका हाथ बंटाता था और परिवार की जिम्मेदारियों में बराबर का सहयोग करता था। परिवार में पांच बच्चे हैं, जिनमें बबलू दूसरे नंबर पर था। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि दो बेटियां और एक बेटा अभी अविवाहित हैं। कुंवर पाल मौर्य ने बताया कि डॉक्टरों और झाड़-फूंक करने वालों ने सांप के काटने की आशंका जताई, लेकिन बबलू के शरीर पर कहीं भी स्पष्ट सर्पदंश का निशान नहीं मिला। परिजनों ने घर में सपेरे को बुलाकर सांप की तलाश भी कराई, लेकिन कोई सांप नहीं मिला। आज शनिवार सुबह परिवार ने बबलू का अंतिम संस्कार कर दिया।
बबलू की मां रामवती का भी रो-रोकर बुरा हाल है। बेटे को सेहरा बांधकर मंडप में बैठे देखने की यादें उन्हें बार-बार झकझोर रही हैं। कई दिनों से शादी की तैयारियों में जुटी मां की सारी खुशियां एक ही रात में मातम में बदल गईं।
इस घटना के बाद से गाँव मे मातम पसरा हुआ है। शादी की खुशियों के बीच हुई इस दर्दनाक मौत ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पहली बार ऐसा दुखद घटनाक्रम देखा है, जहां दुल्हन के गृहप्रवेश के कुछ ही घंटों बाद दूल्हे की अर्थी उठ गई।
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