जिला बदायूं के कुंवरगांव थाना क्षेत्र से पुलिस की संवेदनशीलता और मानवीय पहल की एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने खाकी के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत कर दिया। पति की प्रताड़ना से परेशान एक गर्भवती महिला के आधी रात थाने पहुंचने पर पुलिस ने महिला की पूरी मदद की। पुलिस ने महिला को सिर्फ सहारा ही नहीं दिया, बल्कि सुरक्षित प्रसव कराकर नवजात का भी जीवन बचाया।
मूल रूप से जिला संभल के गाँव गँवा की निवासी अंजलि ने पुलिस को बताया कि उसने धर्म परिवर्तन कर संजू नाम के युवक के साथ शादी की थी। आरोप है कि शादी के बाद संजू शराब के नशे में धुत्त होकर महिला के साथ अक्सर मारपीट करता था। घरेलू हिंसा से तंग आकर महिला अपने चार साल के बेटे के साथ लखनऊ से चलकर कुंवरगांव स्थित एक परिचित के घर पहुँची थी, लेकिन देर रात वहाँ ताला लगा मिला। कोई व्यवस्था न होने और गर्भावस्था की गंभीर स्थिति में अंजलि सीधे कुंवरगांव थाने पहुँची। थाने में ड्यूटी पर मौजूद एसएसआई अनित कुमार ने महिला की पूरी बात सुनी और तत्काल मदद शुरू कर दी। सबसे पहले माँ-बेटे को भोजन कराया गया, फिर रात में सुरक्षित ठहरने की व्यवस्था की गई। पुलिस महिला को उसके घर भेजने की तैयारी कर ही रही थी कि अचानक उसे प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। बिना देर किए एंबुलेंस बुलाई गई और महिला आरक्षी साक्षी चौधरी की मौजूदगी में अंजलि को वजीरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
सीएचसी वजीरगंज में चिकित्सकों की देखरेख में अंजलि ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। पुलिस ने महिला की सुरक्षा और देखभाल के लिए अस्पताल में महिला पुलिसकर्मी समेत अन्य जवानों की ड्यूटी भी लगाई।
आज रविवार सुबह पुलिसकर्मी फल और जरूरत का सामान लेकर अस्पताल पहुँचे तथा नवजात और उसकी माँ का हालचाल जाना। पुलिस के इस मानवीय व्यवहार की अस्पताल में मौजूद मरीजों, तीमारदारों और स्वास्थ्य कर्मियों ने खुले दिल से सराहना की। क्षेत्राधिकारी राहुल पांडेय ने बताया कि महिला के पति से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस की प्राथमिकता माँ और दोनों बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है तथा उन्हें सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुँचाने की व्यवस्था भी की जाएगी।
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