दुष्कर्म व छेड़छाड़ के झूठे मुकदमों मे फँसाकर वसूली करने के आरोपों से घिरे बब्बू लंगड़ा गैंग के खिलाफ बिजनौर पुलिस की कार्रवाई जारी है। आज मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता मे पुलिस अधीक्षक केके विश्नोई ने गैंग के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नहटौर पुलिस ने इस मामले मे वाँछित दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
नहटौर पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गए आरोपियों की पहचान रविता गौतम उर्फ रविता देवी निवासी हरिद्वार और नौशाद निवासी बक्शीवाला के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा की गयी जांच में नौशाद पर कई मामलों में फर्जी मुकदमे दर्ज कराने में भूमिका का आरोप लगाया गया है, जबकि रविता पर मुकदमे दर्ज कराने में सहयोग करने का आरोप है।
पुलिस द्वारा की गयी जांच के अनुसार ये गैंग जमीन, प्रॉपर्टी और पैसों के लेनदेन से जुड़े विवादों में एक पक्ष के समर्थन में दूसरे पक्ष पर दबाव बनाने के लिए गंभीर आपराधिक मुकदमों का सहारा लेता था। आरोप है कि गैंग के सदस्य प्रभावशाली लोगों को दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म या छेड़छाड़ जैसे मामलों में फंसाने की धमकी देते थे। इसके बाद समझौते के नाम पर दबाव बनाकर अवैध वसूली की जाती थी। पुलिस ने कई अलग-अलग मामलों में ऐसे आरोप सामने आने के बाद कड़ियां जोड़कर जांच शुरू की थी।
एसपी केके विश्नोई ने बताया कि बब्बू लंगड़ा गैंग से जुड़े मामलों में अब तक 16 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। हालांकि, बाद की मीडिया रिपोर्टों में इस संख्या के 17 तक पहुंचने की भी जानकारी सामने आई थी, इसलिए मुकदमों की संख्या जांच आगे बढ़ने के साथ बदल सकती है। पुलिस पहले ही गिरोह के कथित सरगना जुल्फिकार उर्फ बब्बू लंगड़ा समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों में पुलिस ने अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल शुरू की है।
पुलिस द्वारा की गयी गहन जांच में बिजनौर के अलावा आसपास के जिलों में भी इस गैंग की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि दर्ज मुकदमों में किन लोगों की वास्तविक भूमिका रही और किन मामलों का गैंग से संबंध है। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किये गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पुराने मामलों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने आम लोगो से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को इस तरह के मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई है या किसी विवाद में झूठा मुकदमा दर्ज कराने का दबाव बनाया गया है, तो वह पुलिस को सूचना दे सकता है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों की शिकायत मिलने पर साक्ष्यों के आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

