उत्तर प्रदेश की मेरठ पुलिस ने पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी की बंद पड़ी अलफहीम मीट फैक्ट्री में हुई लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा करते दिया है। पुलिस ने इस मामले मे मुठभेड़ के बाद 4 आरोपियो को गिरफ्तार किया है। पुलिस आरोपियो से पूछताछ कर लूट में शामिल अन्य संदिग्धों और घटना में इस्तेमाल किए गए सामान के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
पाठको को बताना उचित होगा कि गत 5 सितंबर को अज्ञात बदमाशो ने मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र स्थित पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की बंद पड़ी अलफहीम मीट फैक्ट्री मे लूट की घटना को अंजाम दिया था। बदमाशो ने इस घटना को मौके पर मौजूद 3 सुरक्षाकर्मियो को बंधक बनाकर अंजाम दिया था। इस घटना के खुलासे के लिए एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के निर्देश पर एसपी सिटी के नेतृत्व में सीओ कोतवाली, स्वाट टीम समेत कई पुलिस टीमों को लगाया गया था। पुलिस ने घटनास्थल और अन्य उपलब्ध सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और संदिग्धों की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के बारे में अहम जानकारी मिली। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए निगरानी और चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस का कहना है कि आज 12 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि संदिग्ध आरोपी चिंदौड़ी गांव के पास पुलिया की ओर आने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने वहां चेकिंग शुरू कर दी।
इसी दौरान चारों आरोपी वहां पहुंचे। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस के अनुसार जवाबी कार्रवाई के बाद चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किये गए आरोपियो की पहचान सलीम पहलवान और अजय, दोनों निवासी बुलंदशहर, जबकि कलीम और आस मोहम्मद, दोनों निवासी गाजियाबाद के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से टाटा कैंटर, पिकअप, एल्युमिनियम की प्लेट, तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। बरामद सामान को पुलिस ने मामले की जांच से जोड़ते हुए आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों के खिलाफ पहले से दो-दो मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फैक्ट्री में हुई लूट की योजना किस तरह बनाई गई थी और वारदात में इनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे।
![]() |
| अभी तक पाठक संख्या |

