रिपोर्ट - नगीना/बिजनौर से जिला प्रभारी विभोर कौशिक।

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बीमार कांवड़िए के उपचार के नाम पर नगर के एक चिकित्सक ने मनमाने रुपये वसूल लिए। इससे क्षुब्ध कांवड़ियों ने तहसील दिवस में पहुंचकर मामले की जानकारी उप जिलाधिकारी को दी। उप जिलाधिकारी के आदेश पर चिकित्सक ने लिए गए रुपये वापस कर दिए।
बरेली के गांधी नगर कालोनी निवासी बसंत कुमार आयु 22 वर्ष अपने साथियों दिनेश, राकेश, ओमप्रकाश, विमल, उमेश, बिन्नी आदि के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहा था। मंगलवार की सुबह रास्ते में नगीना के पास बसंत को उल्टियां आने लगी। इस पर उसके साथियों ने उसे स्टेशन मार्ग स्थित एक निजी चिकित्सक को दिखाया। जहां चिकित्सक ने बीमार कांवड़िए से परामर्श शुल्क के नाम पर 200 रुपये तथा उसके उपचार के 1100 रुपये, कुल 1300 रुपये जमा करा लिए। दूसरी ड्रिप लगाने के नाम पर अतिरिक्त रुपयों की मांग करने लगा। इससे नाराज कांवड़ियों ने तहसील दिवस में पहुंच कर उप जिलाधिकारी डा. गजेंद्र सिंह व सीओ प्रवीन कुमार सिंह को मामले की जानकारी दी। इस पर एसडीएम व सीओ के हस्तक्षेप के बाद चिकित्सक ने कांवड़ियों से लिए गए 1300 रुपये में से 600 रुपये वापस कर मामले को निपटाया। इसके बाद कांवड़िये अपने साथी को लेकर गंतव्य की ओर रवाना हो गए।
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| नगीना -तहसील दिवस में पहुंचे कावड़ यात्री |
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बीमार कांवड़िए के उपचार के नाम पर नगर के एक चिकित्सक ने मनमाने रुपये वसूल लिए। इससे क्षुब्ध कांवड़ियों ने तहसील दिवस में पहुंचकर मामले की जानकारी उप जिलाधिकारी को दी। उप जिलाधिकारी के आदेश पर चिकित्सक ने लिए गए रुपये वापस कर दिए।
बरेली के गांधी नगर कालोनी निवासी बसंत कुमार आयु 22 वर्ष अपने साथियों दिनेश, राकेश, ओमप्रकाश, विमल, उमेश, बिन्नी आदि के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहा था। मंगलवार की सुबह रास्ते में नगीना के पास बसंत को उल्टियां आने लगी। इस पर उसके साथियों ने उसे स्टेशन मार्ग स्थित एक निजी चिकित्सक को दिखाया। जहां चिकित्सक ने बीमार कांवड़िए से परामर्श शुल्क के नाम पर 200 रुपये तथा उसके उपचार के 1100 रुपये, कुल 1300 रुपये जमा करा लिए। दूसरी ड्रिप लगाने के नाम पर अतिरिक्त रुपयों की मांग करने लगा। इससे नाराज कांवड़ियों ने तहसील दिवस में पहुंच कर उप जिलाधिकारी डा. गजेंद्र सिंह व सीओ प्रवीन कुमार सिंह को मामले की जानकारी दी। इस पर एसडीएम व सीओ के हस्तक्षेप के बाद चिकित्सक ने कांवड़ियों से लिए गए 1300 रुपये में से 600 रुपये वापस कर मामले को निपटाया। इसके बाद कांवड़िये अपने साथी को लेकर गंतव्य की ओर रवाना हो गए।

