कुछ दिनों पूर्व नहटौर थाना क्षेत्र के गाँव में बनायी जा रही अपमिश्रित शराब के कारोबार का खुलासा करते हुए पुलिस ने 7 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। पुलिस द्वारा की गयी कार्रवाई के दौरान 6 लोग मौके से फरार होने में सफल रहे थे। गिरफ्तार किये गए अभियुक्तों ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि ये सभी लोग पिछले 6 माह से इस कारोबार में लिप्त है। गिरफ्तार किये गए अभियुक्तों का सुसंगत धाराओं में चालान कर जेल भेज दिया गया था।
उक्त मामले की जाँच क्षेत्राधिकारी धामपुर अजय कुमार अग्रवाल कर रहे थे। क्षेत्राधिकारी द्वारा पुलिस अधीक्षक को सौंपी गयी जाँच रिपोर्ट में नहटौर थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक व आरक्षी को कर्तव्यपालन में लापरवाही का दोषी पाया गया है। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि नहटौर थाना क्षेत्र के गाँव बिलासपुर से गिरफ्तार किये गए अभियुक्त का नाम अपमिश्रित शराब बनाने के सम्बन्ध में शासन द्वारा प्रेषित सूची में शामिल होने पर तथा पूर्व में भी अभियोग पंजीकृत होने व हिस्ट्रीशीटर होने की जानकारी होने पर भी उपनिरीक्षक योगेंद्र कुमार शर्मा व आरक्षी ओमेंद्र ने अभियुक्त के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इस सम्बन्ध में उच्चाधिकारियों द्वारा समय समय पर दिए गए निर्देशों का भी उपनिरीक्षक व आरक्षी ने पालन नहीं किया। उपनिरीक्षक द्वारा की जा रही रियायत के चलते ही अभियुक्त द्वारा दोबारा अपराध किया गया।
क्षेत्राधिकारी धामपुर द्वारा दी गयी उक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अधीक्षक डा0 धर्मवीर सिंह ने उपनिरीक्षक योगेंद्र कुमार शर्मा व आरक्षी ओमेंद्र को कर्तव्यपालन में लापरवाही, शिथिल कार्यदक्षता व उदासीनता के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
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