उत्तर प्रदेश के बरेली से दहेज में 10 लाख रूपये और मेडिकल स्टोर का लाइसेन्स न मिलने पर विवाहिता को तीन तलाक देकर घर से निकालने जाने का एक मामला प्रकाश में आया है। इस मामले में पीड़िता द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर पति समेत 6 लोगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सीबीगंज थाना क्षेत्र के गाँव बिधौलिया निवासी फाहिमा का निकाह 3 वर्ष पूर्व देवरनिया थाना क्षेत्र के गाँव समूहा निवासी इमरान के साथ हुआ था। फाहिमा के अनुसार निकाह के कुछ दिनों बाद ही पति इमरान, ससुर सिद्दीक अहमद, सास इरीशा बेगम, देवर डा0 रिजवान ननद शबनम व नन्दोई यास्मीन ने उसे दहेज की मांग करते हुए प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। फाहिमा के अनुसार उसने डीफार्मा व बीफार्मा किया हुआ है। आरोप है कि नन्दोई यास्मीन ने उस पर दबाब बनाया कि अपनी डिग्री के आधार पर उसे मेडिकल का लाइसेंस बनवाकर दे। यास्मीन के अनुसार इंकार करने पर यास्मीन ने कहा कि मैंने इस फायदे को देखते हुए ही तेरा निकाह अपने साले से कराया है। दूसरी ओर पति इमरान और उसके परिजन भी फाहिमा पर 10 लाख लाने का दबाब बनाने लगे थे। आरोप है कि फाहिमा के ससुराल वालो ने उसे कमरे में बंद कर दिया और उसे धमकी दी की उसके दोनों बच्चो को मार देंगे। इसके बाद इमरान ने सबके सामने उसे तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया।
उक्त मामले में पीड़िता द्वारा दी गयी तहरीर के आधार पर सीबीगंज थाने में पति इमरान, ससुर सिद्दीक अहमद, सास इरीशा बेगम, देवर डा0 रिजवान ननद शबनम व नन्दोई यास्मीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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