जिला मुरादाबाद के छजलैट थाना क्षेत्र निवासी एक युवती ने गांव के ही दो युवकों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपियों में एक युवक पुलिस विभाग में सिपाही है और वर्तमान में बुलंदशहर जिले में तैनात बताया जा रहा है। युवती ने उसके भाई पर दुष्कर्म और सिपाही पर घटना में सहयोग करने का आरोप लगाया है। मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अब पीड़िता ने छजलैट पुलिस की विवेचना पर सवाल उठाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से जांच किसी दूसरे थाने की पुलिस से कराने की मांग की है। पीड़िता ने सोमवार को पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उसे स्थानीय पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है।
पीड़िता के अनुसार दसवीं कक्षा मे पढ़ने के दौरान ही गाँव निवासी जुनैद अंसारी उसके संपर्क में आया था। आरोप है कि जुनैद ने शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। बाद में शादी की बात करने पर वह कथित तौर पर मुकरने लगा। आरोप है कि संबंध के दौरान जुनैद ने उसके फोटो और वीडियो बना लिए थे। युवती ने इन्हें वायरल करने की धमकी देकर उसे लंबे समय तक ब्लैकमेल किए जाने का आरोप लगाया गया है।
युवती का कहना है कि शादी से इनकार किए जाने के बाद उसने आरोपियों के खिलाफ पहले भी एफआईआर दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार जेल जाने का दबाब बनने पर आरोपियों ने उसके परिवार के सामने शादी करने का आश्वासन देकर समझौता कर लिया था। आरोप है कि इसके बाद पीड़िता के बयान भी दर्ज कराए गए, लेकिन पुलिस द्वारा मामले में अंतिम रिपोर्ट लगाए जाने के बाद आरोपी फिर शादी के वादे से पीछे हट गए।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में 11 जुलाई की घटना का जिक्र किया है। उसका आरोप है कि शाम करीब छह बजे जुनैद और उसका रिश्ते का भाई जीशान उसके घर पहुंचे। युवती के मुताबिक दोनों के पास तमंचे थे और उसे शादी के लिए दबाव बनाने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। पीड़िता का आरोप है कि जुनैद उसे जबरन कमरे में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया, जबकि जीशान ने बाहर से गेट बंद कर दिया और हथियार लेकर वहीं खड़ा रहा। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों से शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि एफआईआर में नाम होने के बावजूद सिपाही के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। उसका यह भी आरोप है कि स्थानीय थाना पुलिस उसके भाई की मदद कर रही है।
इस मामले मे थाना प्रभारी छजलैट का कहना है कि सिपाही और उसके भाई के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान सिपाही की घटना में संलिप्तता के पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले, जिसके बाद उसका नाम विवेचना से निकाल दिया गया।
मामले में पुलिस अधिकारियों के सामने विवेचना बदलने की मांग रखे जाने के बाद जांच को लेकर सवाल उठे हैं। एसएसपी सतपाल अंतिल ने कहा है कि पीड़िता को न्याय मिलेगा। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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