जिला संभल की चंदौसी पुलिस ने शादी के नाम पर युवकों की भावनाओं से खिलवाड़ करने व उनकी गाढ़ी कमाई लेकर फरार होने वाले लूटेरी दुल्हनो के एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले मे दो महिलाओं और गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपियो को गिरफ्तार किया। यह गिरोह धर्म और नाम छिपाकर शादियां करवाता था और कुछ ही दिनों में दुल्हनें घर साफ़ कर फरार हो जाती थीं।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में काजल उर्फ नूरजहा खातून, पूजा उर्फ आयशा खातून, दोनों निवासी पश्चिम बंगाल और गिरोह का मुख्य संचालक राजीव, निवासी बदायूं शामिल हैं। पुलिस ने गिरफ्तार किये गए आरोपियो के पास से 4700 रुपये नकद और चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवर बरामद किए हैं। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि गत 25 जनवरी को चंदौसी थाना क्षेत्र के गांव पतरौआ निवासी रामजीमल द्वारा एक शिकायत दर्ज कराई गयी थी। बताया गया था कि जिला बदायूं के बिनावर थाना क्षेत्र के गांव विलहत निवासी राजीव और उसकी पत्नी काजल ने 22 दिसंबर को उनके पुत्र भोला की शादी आरती नाम की युवती के साथ कराई थी। इसके बदले में 55 हजार रुपये लिए गए थे। इसके अलावा इसी दंपती ने 9 जनवरी 2026 को गांव के राजू की शादी पूजा से कराई गई थी जिसे बंगाल का बताया गया था। इसके अलावा इसी गांव के ही परमेश की शादी भी पूजा नाम की दूसरी लड़की से 75 हजार रुपये में कराई थी जबकि इसी दिन मुरादाबाद के लाइनपार क्षेत्र निवासी मोनू मिश्रा की शादी इशिका से 70 हजार रुपये में कराई थी।
यह भी सामने आया कि गिरोह की योजना के अनुसार शादी के करीब 25 दिनों के बाद 18 जनवरी 2026 की रात भोला की पत्नी बनी आरती घर से एक जोड़ी चांदी की पाजेब, एक चांदी की गले की चैन, एक चांदी की अंगूठी और छह हजार रुपये अलमारी से चोरी कर फरार हो गई।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किये गए आरोपियों से की गयी पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए है। गिरफ्तार की गयी दोनो महिलाये मुस्लिम धर्म से है। ये महिलाये होना असली नाम और धर्म छिपाकर युवको से मिलती थी। इन युवतियो से शादी कराने के बदले गिरोह के सदस्य युवको दे 50 हजार से लेकर 80 हजार तक वसूलते थे। योजना के अनुसार शादी के बाद ससुराल पहुंची ये युवतिया 5 से 6 दिन तक वहां रहती थी और मौका देखकर घर मे रखे जेवर और नकदी लेकर फरार हो जाती थी।
इस गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब 20 जनवरी को पूजा उर्फ आयशा खातून पतरौआ रोड पर भागने की कोशिश कर रही थी, लेकिन ससुराल वालों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद 25 जनवरी को पीड़ित रामजीमल ने थाने में तहरीर दी। सघन जांच के बाद पुलिस ने पूरी कड़ी को जोड़ते हुए गिरोह के सरगना राजीव और उसकी पत्नी काजल को दबोच लिया।
इस गिरोह को पकड़ने में उप निरीक्षक महेशपाल सिंह, अनुज चौहान, हेड कांस्टेबल सुभाष, अरविन्द, महिला कांस्टेबल ज्योतिका और पीआरडी सीमा देवी ने मुख्य भूमिका निभाई। एसपी ने पूरी टीम की सराहना की है।
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