रामपुर/उत्तर प्रदेश - विभिन्न मांगो को लेकर सड़क पर उतरी आंगनबाड़ी कार्यकत्री,सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा 10 सूत्रीय माँग पत्र, दी उग्र आंदोलन के चेतावनी - News India 17 # खबर देश की - नजर दुनिया की #

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गुरुवार, जनवरी 29, 2026

रामपुर/उत्तर प्रदेश - विभिन्न मांगो को लेकर सड़क पर उतरी आंगनबाड़ी कार्यकत्री,सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा 10 सूत्रीय माँग पत्र, दी उग्र आंदोलन के चेतावनी

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आज गुरुवार को उत्तर प्रदेश महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले डा0 भीमराव अम्बेडकर पार्क मे एकत्र हुई सैंकड़ो आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकालकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया और सूबे के मुख्यमंत्री को सम्बोधित 10 सूत्रीय माँग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। कार्यकत्रियों ने समस्याओ का जल्द समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।


आज गुरुवार सुबह से ही नगर के भीमराव अम्बेडकर पार्क मे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो की भीड़ जुटनी शूरु हो गयी थी। यहाँ आयोजित की गयी विशाल सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओ ने सरकार की बेरुखी पर रोष व्यक्त किया और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो का शोषण करने का आरोप लगाया। भीमराव अम्बेडकर पार्क मे हुई सभा के बाद आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो का हुजूम गगनभेदी नारे लगाते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुँचा। जहां प्रदर्शनकारियो का नेतृत्व कर रही संघ की पदाधिकारियो ने कहा कि डिजिटल इण्डिया के दौर मे उन पर काम का अत्यधिक बोझ डाल दिया गया है लेकिन सुविधाएं शून्य है।


कलेक्ट्रेट पहुंची आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को सम्बोधित के ज्ञापन भी सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस ज्ञापन मे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो को स्थाई सरकारी कर्मचारी घोषित किये जाने, वर्तमान महंगाई को देखते हुए सम्मानजनक वेतनमान लागू किये जाने, विभागीय कार्यो के लिए मोबाइल व इंटरनेट का खर्च सरकार द्वारा वहन किये जाने, सेवानिवृत्त होने पर अन्य सरकारी कर्मचारियो की भांति पेंशन व सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिए जाने व योग्यता के आधार पर मुख्य सेविका के पद पर समयबद्ध पदोन्नति सुनिश्चित किये जाने सहित 10 मांगे की गयी है।


प्रदर्शन के दौरान अपना दर्द साझा करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो ने कहा कि वे जमीनी स्तर पर सरकार की हर योजना (टीकाकरण से लेकर पोषण तक) को सफल बनाती हैं, लेकिन उन्हें अभी भी 'स्वयंसेवक' मानकर अल्प मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सारा काम ऑनलाइन कराया जा रहा है, तो विभाग द्वारा मोबाइल और डेटा का खर्च क्यों नहीं दिया जाता?


कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन लेने पहुँचे सिटी मजिस्ट्रेट ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को शांत कराया और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को जिलाधिकारी के माध्यम से शासन और मुख्यमंत्री कार्यालय तक तत्काल भेज दिया जाएगा।

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