
जयपुर। एआईसीसी के आह्वान पर सीपीपी अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस पार्टी अब केन्द्र सरकार के निर्णय के खिलाफ 45 दिवसीय "मनरेगा बचाओ अभियान" का शंखनाद करने जा रही है। राजस्थान में ये अभियान शुरू होगा।
इस बात की जानकारी पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया के माध्यम से दी है। उन्होंने एक्स के माध्यम से इस संबंध में कहा कि महात्मा गांधी नरेगा (MGNREGA) केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा और गरीबों का संबल है। यूपीए सरकार ने इसे आमजन का 'कानूनी अधिकार' बनाया था, जिसे केंद्र की मोदी सरकार अब केवल 'सरकारी मेहरबानी' तक सीमित कर इसे कमजोर करने का कुप्रयास कर रही है।
गहलोत ने बताया कि एआईसीसी के आह्वान पर सीपीपी अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस पार्टी इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ 45 दिवसीय "मनरेगा बचाओ अभियान" का शंखनाद कर रही है। कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-ढाणी से लेकर विधानसभा तक इस अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे।
गहलोत ने की है ये अपील
अशोक गहलोत ने कहा कि मेरी सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं आमजन से अपील है कि गरीबों के हक की इस लड़ाई में भागीदार बनें। जब तक सरकार यह फैसला वापस नहीं लेती, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
अभियान के प्रमुख पड़ाव:
-10 जनवरी – हर ज़िले में प्रेस कॉन्फ्रेंस
-11 जनवरी: हर ज़िले में एक दिवसीय उपवास
- 12-29 जनवरी: मजदूरों व पंचायत प्रतिनिधियों से संवाद
- 30 जनवरी (शहीद दिवस): वार्ड स्तर पर शांतिपूर्ण धरना
-7-15 फरवरी: विधानसभा घेराव
- 16–25 फरवरी – एआईसीसी ज़ोनल मेगा रैलियाँ
PC:zeebiz
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