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| गिरफ्तार किये गए आरोपी |
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए स्योहारा थाना क्षेत्र स्थित यूपी ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक व फील्ड ऑफिसर सहित तीन लोगों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किये गए तीनो आरोपियो को सीबीआई की टीम अपने साथ गाजियाबाद ले गयी है। आरोपियों पर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत ऋण स्वीकृत करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार क्षेत्र के गाँव जयरामपुर निवासी चंचल दिवाकर की पत्नी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के अंतर्गत आरओ प्लांट लगाने के लिए पांच लाख रुपये के ऋण के लिए यूपी ग्रामीण बैंक, सहसपुर शाखा में आवेदन किया था। आरोप है कि बैंक के फील्ड ऑफिसर विकास कुमार ने इस फाइल को आगे बढ़ाने और ऋण स्वीकृत करने के एवज में पहले 40,000 रुपये की मांग की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 45,000 रुपये कर दिया गया।
चंचल दिवाकर ने इस मामले की शिकायत सीबीआई की एंटी करप्शन टीम से की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई ने कल 31 जनवरी को मामला दर्ज करने के साथ ही आरोपियो को रंगे हाथ दबोचने के लिए योजना बनाई। योजना के अनुसार कल शनिवार की देर शाम निरीक्षक परवेंद्र तोमर के नेतृत्व मे गठित सीबीआई की टीम ने सहसपुर बैंक शाखा पर छापामार कार्रवाई की। सीबीआई की टीम ने इस कार्रवाई के दौरान बैंक के शाखा प्रबंधक कपिल कुमार, फील्ड ऑफिसर विकास कुमार व एक संविदाकर्मी मोहम्मद नोमान को शिकायतकर्ता से 45 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया।
सीबीआई द्वारा की गयी जांच में स्पष्ट हुआ कि फील्ड ऑफिसर विकास कुमार, शाखा प्रबंधक कपिल कुमार के साथ मिलकर यह अवैध वसूली कर रहा था। इसमें मोहम्मद नोमान नामक निजी व्यक्ति की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। सीबीआई ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। गिरफ्तार किये गए तीनो आरोपियो को सीबीआई की टीम अपने साथ गाजियाबाद ले गयी है।

