कानून के साथ लुका-छिपी का खेल खेलना एक युवक के लिए गले की हड्डी बन गया है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर न्यायालय ने न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने और बार-बार बुलावे के बावजूद अदालत में पेश न होने पर एक मुकदमे के वादी (शिकायतकर्ता) के खिलाफ ही धारा 82 के तहत फरारी की उद्घोषणा कर दी है। कल मंगलवार शाम को नहटौर पुलिस ने आरोपी बने वादी के घर पर ढोल बजाकर मुनादी कराई और नोटिस चस्पा किया।
उक्त मामला नहटौर नगर के मोहल्ला महकमा बाजार का है। पिछले वर्ष इसी मोहल्ले के निवासी अनस पुत्र शाहिद ने राजा अंसारी और उसके साथियों पर दुष्कर्म जैसे संगीन आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्रवाई की थी। जिसके बाद आरोपियों को न्यायालय से जमानत मिल गई थी।मामले में मोड़ तब आया जब अदालत में सुनवाई शुरू हुई। नियमानुसार शिकायतकर्ता अनस को गवाही देने और बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में हाजिर होना था। लेकिन मुकदमा दर्ज कराने वाला अनस ही अदालत के कटघरे में आने से कतराने लगा। अदालत ने अनस को कई बार समन जारी किए मगर वह पेश नही हुआ। अनस के पेश ने होने पर अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए गए, लेकिन वह फिर भी उपस्थित नहीं हुआ।
अदालत ने इसे न्याय प्रक्रिया में जानबूझकर डाली गई बाधा माना और वादी के खिलाफ ही सख्त कार्रवाई का आदेश दे दिया। कल मंगलवार शाम करीब 5 बजे कस्बा इंचार्ज अशोक मलिक के नेतृत्व में भारी पुलिस बल महकमा बाजार पहुँचा। पुलिस ने इलाके में ढोल बजाकर सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि वादी अनस अदालत से फरार चल रहा है। पुलिस ने उसके घर के मुख्य द्वार पर अदालत का नोटिस चस्पा करते हुए चेतावनी दी।
नहटौर पुलिस का कहना है कि अदालत के आदेश पर धारा 82 की कार्रवाई की गई है। यदि निर्धारित समय के भीतर वादी न्यायालय में आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो धारा 83 के तहत उसकी संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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