
इंटरनेट डेस्क। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत भारत को रूसी तेल खरीदने की 30 दिन की अस्थायी छूट दिए जाने को लेकर अब केन्द्र सरकार की ओर से प्रतिक्रिया आई है। खबरों के अनुसार, भारत सरकार ने आज इस संबंध में बोल दिया कि भारत को जहां से भी सस्ता तेल मिलेगा वहीं से खरीदेगा। रुकावटों के बावजूद भारत की एनर्जी सप्लाई सुरक्षित बनी हुई है।
खबरों के अनुसार, केन्द्र सरकार की ओर से इस संबंध में बयान जारी किया गया है। सरकार ने अब बोल दिया कि होर्मुज रूट पर तनाव बढ़ने के बाद भी भारत की एनर्जी सप्लाई सुरक्षित और स्थिर बनी हुई है। भारत ने अपने कच्चे तेल के सोर्स को 27 से 40 देशों तक अलग-अलग कर दिया है, जिससे कई दूसरे सप्लाई रूट पक्के हो गए हैं। मोदी सरकार ने ये भी प्रतिक्रिया दे दी है कि देश के हित में भारत उन जगहों से तेल खरीदता है जहां सबसे अच्छे और सस्ते रेट मिलते हैं।
भारत फरवरी 2026 में भी रूस से तेल इंपोर्ट कर रहा
भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को करारा जवाब दे दिया कि अमेरिका से मिली टेम्पररी छूट के बाद वह रूस से तेल इंपोर्ट करना जारी रखेगा। यह छूट मिडिल ईस्ट में युद्ध की वजह से दी गई थी। नई दिल्ली को ऐसी खरीदारी के लिए किसी भी देश से परमिशन की जरूरत नहीं है। केन्द्र सरकार ने जारकारी दी कि भारत फरवरी 2026 में भी रूस से तेल इंपोर्ट कर रहा है और रूस अभी भी भारत का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल सप्लायर है।
PC:jagran
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