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उत्तर प्रदेश के जिला बिजनौर से भावुक और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ शिवाला कलां थाना क्षेत्र के रतनगढ़ गांव में स्थित अपने मकान को खाली कराने पहुँची शहीद की माँ के साथ किरायेदारो ने अभद्रता की और डराने के उद्देश्य से सरेआम फायरिंग की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को काबू कर लिया मगर फायरिंग की घटना से इंकार किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से शादीपुर मिलक निवासी अनीता देवी का शिवाला कलां थाना क्षेत्र के गाँव रतनगढ़ मे भी एक मकान है। अनीता देवी ने ये मकान किराए पर दिया हुआ है। अनीता देवी का आरोप है कि किराएदार पिछले लंबे समय से न तो मकान का किराया दे रहे हैं और न ही घर खाली कर रहे हैं। कई बार मिन्नतें करने के बाद भी जब कोई रास्ता नही निकलने पर आज रविवार को वह खुद मकान खाली कराने रतनगढ़ पहुँची थीं। अनीता देवी का कहना है कि यहाँ किरायेदारो ने मकान खाली करने को कहने पर उन्होंने अभद्रता शुरू कर दी और शोर शराबा सुनकर मौके पर अन्य ग्रामीण भी जुट गए।
अनीता देवी ने आरोप लगाया कि विवाद बढ़ने पर दबंग किराएदारों ने उन्हें खौफजदा करने के लिए कई राउंड हवाई फायरिंग कर दी। गोलियों की आवाज सुनते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही शिवाला कलां थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुँची और दोनों पक्षों को शांत कराकर भीड़ को हटाया।
इस पूरे मामले पर पुलिस का रुख अलग है। थानाध्यक्ष शिवाला कलां त्रिवेंद्र सिंह ने बताया कि मकान के मालिकाना हक और कब्जे को लेकर दोनों पक्षों में विवाद की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया है। प्रारंभिक जांच में हवाई फायरिंग होने के कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं और न ही इसकी पुष्टि हुई है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है, जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद का मंजर बेहद भावुक करने वाला था। अनीता देवी अपने देश पर जान न्योछावर करने वाले शहीद बेटे हिमांशु कुमार की तस्वीर छाती से लगाए रो पड़ीं। आपको बता दें कि हिमांशु कुमार सीमा सुरक्षा बल में सिपाही के पद पर तैनात थे और ड्यूटी के दौरान देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए थे।
अनीता देवी ने रोते हुए कहा मेरा बेटा देश की सरहदों की रक्षा करते हुए शहीद हो गया, लेकिन आज उसकी बूढ़ी मां को अपने ही हक के मकान के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है और दबंगों की धमकियां सहनी पड़ रही हैं। शहीद की माँ का यह दर्द देख मौके पर मौजूद कई ग्रामीणों की आँखें भी नम हो गईं। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के दस्तावेजों और दावों की जांच कर रही है।
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