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बुधवार, मई 27, 2026

बरेली/उत्तर प्रदेश - अपहरण किये गए डेढ़ वर्ष के बच्चे को बेचने जा रहे 2 बदमाश मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, दरोगा ने जान पर खेलकर बच्चे को बचाया

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उत्तर प्रदेश के जिला बरेली से खाकी के शौर्य की मिसाल पेश करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ 3 दिन पूर्व मनौना धाम अगवा किए गए डेढ़ साल के मासूम को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद सकुशल बचा लिया है। इस मुठभेड़ के दौरान बच्चे को दिल्ली में बेचने जा रहे दो शातिर बदमाश पुलिस की गोली लगने से घायल हुए हैं, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।मुठभेड़ के दौरान दरोगा सोमपाल ने अपनी जान की परवाह न करते हुए फायरिंग के बीच से बच्चे को सुरक्षित गोद में उठाया। जैसे ही पुलिस बच्चे को लेकर उसके परिवार के पास पहुंची, मां ने रोते हुए उसे सीने से लगा लिया और हाथ जोड़कर पुलिसकर्मियों का आभार जताया।


पाठको को बताना उचित होगा कि मूल रूप से जिला बदायूं के रहने वाले रमन मनौना धाम में कर्मचारी हैं और वहीं किराए पर रहते हैं। गत 24 मई की सुबह करीब 10:30 बजे उनका डेढ़ साल का बेटा मंदिर परिसर के पास खेलते समय अचानक लापता हो गया था। काफी तलाश के बाद भी बेटे के न मिलने पर परिजनो ने आंवला थाने में  अपहरण किये जाने का मुकदमा दर्ज कराया था।


मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने पुलिस की 5 टीमें गठित कीं। पुलिस द्वारा की गयी जाँच के दौरान सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर दो संदिग्ध बच्चे को ले जाते दिखाई दिए थे। कल 26 मई की रात पुलिस को सूचना मिली कि ये अपहरणकर्ता बच्चे को दिल्ली ले जाकर बेचने की फिराक में है और फुलासी गांव के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर ली।


इसी दौरान देर रात लगभग 2 बजे फुलासी तिराहे के पास पुलिस टीम को बिना नंबर की बाइक पर सवार दो संदिग्ध आते दिखाई दिए। इनके पास एक बच्चा भी था। पुलिस द्वारा रूकने का इशारा करने पर बाइक सवारो ने मौके से भागने का प्रयास किया। बाइक सवारो को भागता देख पुलिस टीम ने  उनका पीछा करना शुरू कर दिया। इसी दौरान बदमाशो की बाइक फिसल गयी और मासूम बच्चा छिटककर दूर झाड़ियो मे जा गिरा और बदमाशो ने फायरिंग शुरू कर दी। इसी दौरान साहस का परिचय देते हुए उप निरीक्षक सोमपाल दोनो और से हो रही फायरिंग की चिंता किये बिना आगे बढ़े और बच्चे को अपनी गोद मे उठा लिया। मौके पर मौजूद रही एसपी (दक्षिणी) अंशिका वर्मा ने बच्चे को दरोगा से अपनी गोद मे ले लिया।


इस मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली एक बदमाश के पैर मे जा लगी और वह मौके पर ही गिर गया। पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से दोनो बदमाशो को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किये गए आरोपियो ने पुलिस द्वारा की गयी पूछताछ मे अपना जुर्म कबूल कर लिया और सच उगल दिया। आरोपियो ने अपने नाम  योगेश कन्नौजिया आयु 28, निवासी शाहजहांपुर और पवन सिंह, आयु 25 वर्ष, निवासी बदायूं बताये। योगेश ने बताया कि वह शाहजहांपुर के मेडिकल कॉलेज से एमएससी नर्सिंग कर रहा था। यहाँ इलाज कराने आने वाले पवन से उसकी दोस्ती हो गयी थी। 


योगेश ने मानव तस्करी के एक बड़े रैकेट का खुलासा करते हुए बताया कि लखीमपुर के एक मरीज ने उन्हें 6 महीने तक के नवजात बच्चे चुराकर देने का ठेका दिया था। इसी काम को अंजाम देने के लिए वे गत एक माह से मनौना धाम में रेकी कर रहे थे। ये बच्चा निसंतान दंपतियों को बेचने के बदले उन्हें 60 हजार रुपए मिलने वाले थे। योगेश ने बताया कि उन्होंने इस बच्चे को किडनैप कर सरगना को सूचना दी थी। जिस पर सरगना ने फटकार लगाई  थी कि यह बच्चा डेढ़ साल का है और अपने मां-बाप को पहचानता है, इसे कोई नहीं खरीदेगा। इसके चलते वे बच्चे को किसी दूसरे खरीदार के पास ले जा रहे थे।


पुलिस ने गिरफ्तार किये गए बदमाशों के कब्जे से 2 तमंचे, 2 खोखा कारतूस, 2 जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की है। एसपी दक्षिणी बरेली अंशिका वर्मा ने बताया कि 48 घंटे के भीतर अपह्रत बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। बदमाशों का पुराना आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है, ताकि उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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